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असम: CAA के तहत 70 आवेदन, छह को मिली नागरिकता

Briovo· 08 Jul 2026, 01:31 am IST
असम: CAA के तहत 70 आवेदन, छह को मिली नागरिकता

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के लागू होने के बाद से असम में भारतीय नागरिकता के लिए 70 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से छह को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। राज्य सरकार ने विधानसभा को सूचित किया कि राज्य में 1,72,673 विदेशियों की पहचान की गई है और 31,000 से अधिक को निर्वासित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, मई 2025 से अब तक 1,572 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को "वापस भेजा गया" है। मार्च 2024 में प्रभावी हुआ CAA, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता का मार्ग प्रदान करता है।

AI सारांश

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असम में CAA का कार्यान्वयन

असम सरकार ने हाल ही में राज्य विधानसभा को सूचित किया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत 70 व्यक्तियों ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है। इन आवेदनों में से छह को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जो राज्य में CAA के कार्यान्वयन के प्रारंभिक चरण को चिह्नित करता है। आवेदनों को नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 के अनुसार संसाधित किया जा रहा है, जिसे मार्च 2024 में अधिसूचित किया गया था।

CAA के प्रावधान

CAA धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के उन व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता का मार्ग प्रदान करता है, जो बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आए हैं। पात्र होने के लिए, इन व्यक्तियों को 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश करना होगा। यह कानून असम में महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है।

पहचाने गए और निर्वासित किए गए विदेशी

एक अलग जवाब में, सरकार ने खुलासा किया कि असम में बड़ी संख्या में विदेशियों की पहचान की गई है, जिनकी कुल संख्या 1,72,673 है। इस आंकड़े में से, 31,786 व्यक्तियों को राज्य से सफलतापूर्वक निर्वासित किया गया है। ये कार्रवाइयां क्षेत्र में अवैध आव्रजन का प्रबंधन और समाधान करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं।

अवैध घुसपैठियों को वापस भेजना

मई 2025 से, अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ एक केंद्रित अभियान के परिणामस्वरूप 1,572 व्यक्तियों को 'वापस भेजा गया' है। इसमें श्रीभूमि जिले से 866, कछार जिले से 357 और रेलवे पुलिस द्वारा पकड़े गए 68 अवैध प्रवासी शामिल हैं। ये अभियान सीमा पार से बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासन पर अंकुश लगाने की चल रही प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।

राजनीतिक संवेदनशीलता और NRC संबंध

CAA असम में एक राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है, जिसने इसके अधिनियमन से पहले और बाद में व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में कहा था कि 'संदिग्ध मतदाता' के रूप में पहचाने गए बंगाली हिंदुओं की संख्या एक लाख से कम है और वर्तमान में कोई भी डिटेंशन सेंटर में नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि 2019 के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) मसौदे से बाहर किए गए पात्र बंगाली हिंदू अंततः CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

क्यों मायने रखता है

यह रिपोर्ट असम में विवादास्पद CAA के शुरुआती प्रभाव को उजागर करती है, जो आव्रजन बहस के एक जटिल इतिहास वाला राज्य है। यह नागरिकता आवेदनों और स्वीकृतियों पर ठोस आंकड़े प्रस्तुत करती है, साथ ही पहचाने गए और निर्वासित किए गए विदेशियों पर महत्वपूर्ण डेटा भी प्रदान करती है, जो अवैध आव्रजन को संबोधित करने और CAA को लागू करने के चल रहे प्रयासों में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।

मुख्य तथ्य

  • CAA Applications: 70 applications for Indian citizenship under CAA in Assam
  • Citizenship Granted: 6 applicants granted Indian citizenship so far
  • Foreigners Identified: 172,673 foreigners identified in Assam
  • Foreigners Deported: 31,786 foreigners deported from Assam
  • Bangladeshi Immigrants Pushed Back: 1,572 illegal Bangladeshi immigrants pushed back since May 2025

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