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मुंबई पॉक्सो कोर्ट ने NEET री-टेस्ट के लिए रेप के आरोपी को दी ज़मानत

Briovo· 19 Jun 2026, 12:35 pm IST1
मुंबई पॉक्सो कोर्ट ने NEET री-टेस्ट के लिए रेप के आरोपी को दी ज़मानत

मुंबई की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 18 वर्षीय बलात्कार के आरोपी को NEET-UG री-टेस्ट में शामिल होने के लिए चार दिन की अंतरिम ज़मानत दी है. तलोजा सेंट्रल जेल में बंद आरोपी को ₹50,000 के मुचलके पर रिहा किया गया. यह फैसला तब आया जब बलात्कार पीड़िता ने कोई आपत्ति नहीं जताई, बशर्ते आरोपी उसके परिवार को धमकाएगा या बदनाम नहीं करेगा. अदालत ने सख्त शर्तें लगाईं, जिसमें पीड़िता से संपर्क न करना या सबूतों से छेड़छाड़ न करना शामिल है, ताकि आरोपी के शिक्षा के अधिकार और पीड़िता की सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे.

AI सारांश

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NEET के लिए मिली अंतरिम ज़मानत

मुंबई की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने बलात्कार के एक मामले में 18 वर्षीय आरोपी को चार दिन की अंतरिम ज़मानत दी है. यह ज़मानत उसे 21 जून, 2026 को होने वाली NEET-UG री-टेस्ट परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देती है. आरोपी वर्तमान में नवी मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल में बंद है.

शर्तें और पीड़िता की अनापत्ति

अदालत ने ज़मानत तब दी जब बलात्कार पीड़िता ने कोई आपत्ति नहीं जताई, बशर्ते आरोपी उसके परिवार को बदनाम या धमकाएगा नहीं. आरोपी को ₹50,000 के मुचलके और इतनी ही राशि की ज़मानत पर रिहा किया गया. उसे 22 जून को दोपहर 2 बजे तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है.

पेश किए गए कानूनी तर्क

आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता कपिल विश्वास ज़ोडगे ने पुनर्वास और युवक को मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने की अनुमति देने का तर्क दिया. उन्होंने ज़ोर दिया कि पुलिस एस्कॉर्ट के तहत परीक्षा देने से उसकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ेगा. विशेष लोक अभियोजक चैत्राली पाशीकर ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए याचिका का विरोध किया, और केवल एक दिन के लिए पुलिस एस्कॉर्ट का सुझाव दिया था.

अदालत का फैसला और निर्देश

विशेष न्यायाधीश एसआर शर्मा ने आरोपी के उच्च माध्यमिक प्रमाण पत्र और अनंतिम NEET प्रवेश पत्र पर विचार करते हुए अंतरिम ज़मानत देने के लिए "स्पष्ट वैध आधार" पाए. अदालत ने अभियोजन पक्ष की आशंकाओं को सख्त शर्तें लगाकर दूर किया. इनमें पीड़िता से संपर्क न करना, सबूतों से छेड़छाड़ न करना, या कोई प्रलोभन या धमकी न देना शामिल है.

अनुपालन आवश्यकताएँ

न्यायाधीश ने यह भी अनिवार्य किया कि आरोपी परीक्षा में शामिल होने का वचन देते हुए एक हलफनामा प्रस्तुत करे. उसे आत्मसमर्पण करते समय अपनी उपस्थिति के सहायक दस्तावेज़ भी प्रस्तुत करने होंगे. यह सुनिश्चित करता है कि दी गई अंतरिम ज़मानत का उपयोग केवल NEET री-टेस्ट देने के अपने इच्छित उद्देश्य के लिए किया जाए.

क्यों मायने रखता है

यह मामला आरोपी के कानूनी अधिकारों, जिसमें शिक्षा का अधिकार भी शामिल है, और संवेदनशील मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा के बीच जटिल अंतर्संबंध को उजागर करता है, जो भविष्य में ऐसे ही मामलों से निपटने के लिए एक मिसाल कायम करता है.

मुख्य तथ्य

  • Accused's Age: 18 years old
  • Bail Duration: June 18 to June 21 (4 days)
  • Exam Date: June 21
  • Bail Amount: ₹50,000 bond with surety
  • Prison Location: Taloja Central Prison, Navi Mumbai
  • Charges: Rape (BNS) and POCSO Act, 2012

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