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UKSSSC पेपर लीक: ED ने ₹63.3 लाख की संपत्ति कुर्क की

Briovo· 02 Aug 2026, 06:33 am IST
UKSSSC पेपर लीक: ED ने ₹63.3 लाख की संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक घोटाले के संबंध में ₹63.3 लाख की संपत्ति कुर्क की है। यह संपत्ति कथित तौर पर 2016 और 2021 के VDO/VPDO परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करने वाले एक संगठित गिरोह द्वारा अवैध कमाई से खरीदी गई थी। ED की जांच से पता चला है कि प्रिंटिंग एजेंसी M/s RMS टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने दूसरों के साथ मिलकर गोपनीय प्रश्नपत्र बेचे। एक प्रमुख आरोपी, हाकम सिंह रावत, ने कथित तौर पर उम्मीदवारों से ₹95 लाख प्राप्त किए और इन निधियों को वैध ठहराने का प्रयास किया।

AI सारांश

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UKSSSC पेपर लीक में ED की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ₹63.30 लाख की चल और अचल संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई व्यापक भर्ती घोटाले में कथित तौर पर अवैध तरीकों से अर्जित संपत्तियों को लक्षित करती है।

परीक्षा धांधली के पीछे का सिंडिकेट

कुर्क की गई संपत्ति एक संगठित सिंडिकेट द्वारा उत्पन्न अपराध की आय मानी जा रही है। इस समूह ने 2016 और 2021 के VDO/VPDO परीक्षाओं के गोपनीय प्रश्नपत्र लीक किए थे। उन्होंने सार्वजनिक सेवा परीक्षाओं की अखंडता से समझौता करते हुए भर्ती प्रक्रिया में व्यवस्थित रूप से हेरफेर किया।

प्रिंटिंग एजेंसी के कर्मचारियों की मिलीभगत

ED की वित्तीय जांच से पता चला है कि UKSSSC परीक्षाओं के लिए नामित प्रिंटिंग एजेंसी, M/s RMS टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी सीधे तौर पर शामिल थे। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों, बिचौलियों और सुविधादाताओं के साथ मिलकर संवेदनशील प्रश्नपत्रों को चुराया और बेचा। इस नेटवर्क ने भारी मौद्रिक लाभ के लिए लीक हुए प्रश्नपत्रों के वितरण को सुविधाजनक बनाया।

मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत की भूमिका

जांच में हाकम सिंह रावत एक केंद्रीय व्यक्ति के रूप में उभरे हैं। ED के अनुसार, रावत ने कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्रों के बदले विभिन्न उम्मीदवारों से लगभग ₹95 लाख प्राप्त किए। उसने फिर इन अवैध कमाई को वैध आय के रूप में दिखाने का प्रयास किया, जिसमें बैंक विश्लेषण से उसके घोषित कृषि आय से असंगत बड़ी नकदी जमा दिखाई दी।

जनता के विश्वास पर प्रभाव

इस व्यापक पेपर लीक घोटाले ने उत्तराखंड में भर्ती प्रक्रियाओं की अखंडता पर जनता के विश्वास को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया है। VDO/VPDO जैसी परीक्षाओं में हेरफेर न केवल वास्तविक उम्मीदवारों के लिए निष्पक्षता से समझौता करता है, बल्कि प्रशासनिक प्रणाली के भीतर भ्रष्टाचार के गहरे मुद्दों को भी उजागर करता है।

क्यों मायने रखता है

UKSSSC पेपर लीक मामला भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को उजागर करता है, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं में निष्पक्षता और विश्वास कम होता है, और कईE इच्छुक उम्मीदवारों पर असर पड़ता है।

मुख्य तथ्य

  • Attached Property Value: ₹63.3 lakh
  • Affected Exams: 2016 and 2021 VDO/VPDO exams
  • Agency Involved: M/s RMS Techno Solutions Pvt. Ltd.
  • Key Figure Accused: Hakam Singh Rawat
  • Amount Received by Key Figure: ₹95 lakh

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