Briovo

Article

Donald TrumpIndiaUSTariffs

नई किताब: ट्रंप भारत के टैरिफ डेटा पर भड़के

Briovo· 24 Jun 2026, 05:11 pm IST
नई किताब: ट्रंप भारत के टैरिफ डेटा पर भड़के

एक नई किताब, "रीजीम चेंज इनसाइड द इंपीरियल प्रेसीडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप", में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारतीय टैरिफ आंकड़ों पर तीव्र प्रतिक्रिया का खुलासा हुआ है, जो वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक द्वारा प्रस्तुत किए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने भारत की टैरिफ दरों को दर्शाने वाले अमेरिकी सरकारी डेटा पर विश्वास करने से इनकार कर दिया, यह दावा करते हुए कि वे बहुत अधिक थे, लगभग 175%। यह आंकड़ा डब्ल्यूटीओ और यूएसटीआर के आधिकारिक डेटा से काफी भिन्न है, जो भारत के औसत टैरिफ को बहुत कम दर्ज करते हैं। यह घटना ट्रंप की इस लगातार धारणा को उजागर करती है कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर अत्यधिक टैरिफ लगाता है, एक ऐसी भावना जिसने दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं को प्रभावित किया है।

AI सारांश

3 bullets

ट्रंप का भारत के टैरिफ पर गुस्सा

एक नई किताब में बताया गया है कि कैसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के साथ बातचीत के दौरान गुस्से में आ गए थे। ट्रंप ने भारतीय टैरिफ पर अमेरिकी सरकारी आंकड़ों का जोरदार खंडन किया, यह दावा करते हुए कि वे "बकवास संख्याएँ" थीं और जोर देकर कहा कि भारत के टैरिफ आधिकारिक रिकॉर्ड से कहीं अधिक थे।

टैरिफ आंकड़ों में विसंगति

किताब के अनुसार, ट्रंप का मानना था कि भारत का अमेरिकी सामानों पर टैरिफ कम से कम 175% था, हालांकि लटनिक ने संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के डेटा प्रस्तुत किए थे। डब्ल्यूटीओ और यूएसटीआर के आधिकारिक डेटा वास्तव में भारत की औसत टैरिफ दरों को काफी कम दिखाते हैं, कृषि वस्तुओं पर लगभग 37% और 2025 तक 15.8% का सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र लागू टैरिफ।

व्यापार पर ट्रंप का अडिग दृष्टिकोण

किताब आधिकारिक व्यापार आंकड़ों के प्रति ट्रंप के लगातार संदेह को उजागर करती है, यह सुझाव देते हुए कि उन्हें लगा कि उनके प्रशासन ने उन्हें झूठे डेटा प्रदान किए हैं। यह घटना उनके इस व्यापक विश्वास को रेखांकित करती है कि भारत और चीन जैसे देशों ने अमेरिकी वस्तुओं पर अनुचित टैरिफ लगाए, जो उनके राष्ट्रपति पद के व्यापारिक बयानबाजी में एक आवर्ती विषय था।

चल रही व्यापार वार्ताओं का संदर्भ

यह उजागर हुआ आदान-प्रदान भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं के बीच सामने आया है। दोनों राष्ट्र एक संतुलित समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, चर्चाएँ बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर केंद्रित हैं, हालांकि ट्रंप के वैश्विक टैरिफ व्यवस्था जैसी पिछली चुनौतियाँ रही हैं।

क्यों मायने रखता है

यह व्यापार नीतियों के संबंध में ट्रंप प्रशासन की आंतरिक गतिशीलता पर प्रकाश डालता है और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के ऐतिहासिक संदर्भ व समझौतों तक पहुँचने में आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

मुख्य तथ्य

  • Book Title: Regime Change Inside the Imperial Presidency of Donald Trump
  • Accused of false data: India imposing 175% tariff on US goods
  • US Agency data: USTR and WTO data show much lower tariffs (e.g., 37% for agricultural goods, 15.8% MFN applied tariff)
  • Key individuals: Donald Trump, Howard Lutnick (Commerce Secretary)
  • Ongoing talks: India-US trade deal negotiations

क्या यह मददगार था?

Reader pulse

0 votes
Test yourself

Generate a 5-question quiz from this article.

चर्चा

Discussion (0)

Loading…