बनारस रेल इंजन कारखाना ने तोड़ा उत्पादन रिकॉर्ड
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने जुलाई में 31 दिनों में 65 इलेक्ट्रिक इंजन बनाकर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह मार्च 2025 में बनाए गए 61 इंजनों के अपने पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है। यह उपलब्धि कारखाने की बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता, आधुनिक तकनीक और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। बरेका ने 44 डब्ल्यूएजी-9एचसी मालगाड़ी इंजन, 13 डब्ल्यूएपी-7 यात्री इंजन और 8 अमृत भारत इलेक्ट्रिक इंजन का उत्पादन किया। अपनी स्थापना के बाद से, बरेका ने कुल 11,445 रेल इंजनों का निर्माण किया है, जिसमें 3,109 इलेक्ट्रिक इंजन शामिल हैं, और 11 देशों को 182 इंजन निर्यात किए हैं।
AI सारांश
3 bulletsरिकॉर्ड तोड़ उत्पादन
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने जुलाई 2026 में एक महीने में 65 इलेक्ट्रिक इंजनों का निर्माण करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उत्पादन किसी भी वित्तीय वर्ष में बरेका द्वारा दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक मासिक उत्पादन है। यह उपलब्धि मार्च 2025 में बनाए गए उनके पिछले सर्वश्रेष्ठ 61 इंजनों के रिकॉर्ड को पार कर गई है।
उत्पादित इंजनों के प्रकार
जुलाई के दौरान, बरेका ने रेलवे की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सावधानीपूर्वक विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक इंजनों का उत्पादन किया। उत्पादन में माल ढुलाई के लिए आवश्यक 44 डब्ल्यूएजी-9एचसी मालगाड़ी इंजन, साथ ही यात्री सेवाओं के लिए डिज़ाइन किए गए 13 डब्ल्यूएपी-7 यात्री इंजन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 8 अमृत भारत इलेक्ट्रिक इंजन भी तैयार किए गए।
उपलब्धि के पीछे के कारक
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह उल्लेखनीय उपलब्धि बरेका की बढ़ी हुई उत्पादन क्षमताओं, आधुनिक तकनीकी प्रगति के एकीकरण और उसके समर्पित कार्यबल के सहक्रियात्मक प्रयासों का सीधा परिणाम है। महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने इस सफलता का श्रेय कर्मचारियों की कड़ी मेहनत, समर्पण, टीम भावना और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को दिया। कारखाना वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 468 इलेक्ट्रिक इंजनों के अपने लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने के लिए तैयार है।
'आत्मनिर्भर भारत' में योगदान
बरेका का लगातार उच्च उत्पादन और अपने ही रिकॉर्ड को पार करने की क्षमता भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह उपलब्धि भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है, जो उन्नत इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में राष्ट्र की बढ़ती आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करती है।
अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति और निर्यात
'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' पहल को मूर्त रूप देते हुए, बरेका ने 11 विभिन्न देशों को 182 रेल इंजनों का निर्यात करके अपनी वैश्विक पहुंच का विस्तार किया है। इन देशों में मोजाम्बिक, म्यांमार, श्रीलंका, सूडान, तंजानिया, बांग्लादेश, माली, सेनेगल, अंगोला, वियतनाम और मलेशिया शामिल हैं। यह व्यापक निर्यात रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च गुणवत्ता वाली रेलवे प्रौद्योगिकी प्रदान करने की भारत की क्षमता पर प्रकाश डालता है।
क्यों मायने रखता है
बरेका द्वारा यह रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमताओं और "आत्मनिर्भर भारत" पहल में इसके योगदान को उजागर करता है, जिससे देश रेलवे प्रौद्योगिकी के लिए एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है।
मुख्य तथ्य
- •Engines Produced in July 2026: 65
- •Previous Monthly Record: 61 engines (March 2025)
- •Total Engines Produced Since…: 11,445
- •Total Electric Engines Produced: 3,109
- •Countries Exported To: 11
- •Engines Exported: 182
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