भारतीय जेलें 112.7% अधिक भरी, दिल्ली में सर्वाधिक 194.6%
संसद में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जेलें अपनी क्षमता से काफी अधिक भरी हुई हैं, राष्ट्रीय औसत 112.7% अधिक कैदी हैं। दिल्ली की जेलें सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली हैं, जिनमें अपनी स्वीकृत क्षमता से 194.6% अधिक कैदी हैं। 31 दिसंबर, 2024 तक, देश की 609 जेलों में, जिनकी क्षमता 4,53,769 कैदियों की थी, 5,11,542 कैदी रखे गए थे। यह भारतीय दंड प्रणाली में भीड़भाड़ की लगातार समस्या को उजागर करता है। एक अन्य घटना में, तेलंगाना में एक 33 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट ने कथित तौर पर जुए में भारी नुकसान के कारण हीलियम गैस सूंघकर आत्महत्या कर ली। उसके सुसाइड नोट में वित्तीय संकट का उल्लेख था, जिसके कारण उसने अपना हैदराबाद फ्लैट बेच दिया था।
AI सारांश
3 bulletsभारतीय जेलों में व्यापक भीड़भाड़
मानसून सत्र के दौरान संसद में प्रस्तुत हालिया सरकारी आंकड़ों से भारतीय जेलों में गंभीर भीड़भाड़ का मुद्दा सामने आया है। राष्ट्रीय औसत अधिभोग दर 112.7% है, जो स्वीकृत क्षमता से काफी अधिक है। यह देश की दंड प्रणाली के भीतर एक लगातार चुनौती को उजागर करता है।
दिल्ली की जेलें सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सबसे अधिक भीड़भाड़ है, जहाँ की जेलों में स्वीकृत क्षमता से 194.6% अधिक कैदी रखे गए हैं। यह आंकड़ा दिल्ली की सुधार सुविधाओं के भीतर बुनियादी ढांचे और संसाधनों पर भारी दबाव को रेखांकित करता है। उच्च संख्या मानवाधिकारों और कैदियों के समग्र कल्याण के बारे में चिंताएं बढ़ाती है।
राष्ट्रीय आंकड़े और डेटा स्रोत
31 दिसंबर, 2024 तक, देश की 609 जेलों में, जिनकी कुल स्वीकृत क्षमता 4,53,769 कैदियों की थी, 5,11,542 कैदी रखे गए थे। ये आंकड़े गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने राज्यसभा में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर प्रदान किए।
जुए के नुकसान के बीच तेलंगाना में सीए ने की आत्महत्या
एक अलग घटना में, तेलंगाना के एक 33 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट ने सिद्दीपेट के एक होटल में दुखद रूप से आत्महत्या कर ली। जांच से पता चला कि उसने YouTube वीडियो देखने के बाद हैदराबाद से खरीदी गई हीलियम गैस को सूंघा था। उसके सुसाइड नोट में जुए से हुए भारी नुकसान को उसके इस कदम का कारण बताया गया था।
वित्तीय संकट और हताश उपाय
मृतक सीए, मूल रूप से सिद्दीपेट का रहने वाला था और हैदराबाद की एक फर्म में कार्यरत था, वह महत्वपूर्ण वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहा था। अपने वित्तीय संकट को कम करने के लिए, उसने हैदराबाद में अपना फ्लैट भी बेच दिया था। 4 अगस्त को होटल कर्मचारियों ने उसके कोई जवाब न देने पर उसका शव खोजा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
क्यों मायने रखता है
जेलों में भीड़भाड़ खराब रहने की स्थिति, स्वास्थ्य जोखिमों में वृद्धि करती है और पुनर्वास प्रयासों में बाधा डालती है। यह मानवाधिकारों की चिंताओं को भी बढ़ाता है और जेल के बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों पर महत्वपूर्ण दबाव डालता है। वित्तीय संकट का सामना कर रहे व्यक्तियों के बीच आत्महत्या की उच्च दर बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
मुख्य तथ्य
- •National Jail Occupancy Rate: 112.7%
- •Delhi Jail Occupancy Rate: 194.6%
- •Total Sanctioned Capacity (India): 4,53,769 inmates
- •Total Inmates Held (Dec 31, 2024): 5,11,542 inmates
- •Number of Overcrowded Jails: 609
- •Telangana CA Suicide Cause: Heavy gambling losses
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