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जैसलमेर में कुरजां का आगमन करीब, सुविधाओं में सुधार की दरकार

Briovo· 11 Jul 2026, 08:53 pm IST
जैसलमेर में कुरजां का आगमन करीब, सुविधाओं में सुधार की दरकार

जैसलमेर अगले दो महीनों में मध्य एशिया से हजारों कुरजां पक्षियों के वार्षिक आगमन की तैयारी कर रहा है। वन्यजीव प्रेमी सितंबर से पहले उनके पड़ाव स्थलों पर भोजन, पानी, सुरक्षा और चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक सुविधाएँ स्थापित करने का आग्रह कर रहे हैं। वर्तमान में, फलोदी के खींचन के सफल संरक्षण मॉडल के विपरीत, अधिकांश स्थलों पर इन प्रावधानों की कमी है। बेहतर बुनियादी ढाँचा जैसलमेर में कुरजां की आबादी को तीन गुना बढ़ा सकता है, जिससे प्रकृति पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। ये प्रवासी पक्षी मार्च में अपने मूल देशों में लौटने से पहले लगभग छह महीने तक रहते हैं।

AI सारांश

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कुरजां का आगमन जल्द अपेक्षित

हजारों की संख्या में कुरजां पक्षी अगले दो महीनों के भीतर मध्य एशिया से जैसलमेर के लिए अपना वार्षिक प्रवास शुरू करने वाले हैं। ये पक्षी मंगोलिया, चीन और कजाकिस्तान से लंबी यात्रा करते हैं, सितंबर के पहले सप्ताह तक अग्रिम दल सुरक्षित पड़ाव स्थलों की तलाश में पहुँच जाते हैं।

बेहतर सुविधाओं की मांग

वन्यजीव प्रेमी पोकरण, जैसलमेर में कुरजां के पड़ाव स्थलों पर भोजन, पानी, सुरक्षा और चिकित्सा उपचार जैसी आवश्यक सुविधाओं को तत्काल उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। वे आने वाले पक्षियों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने हेतु सितंबर से पहले इन व्यवस्थाओं को स्थापित करने पर जोर दे रहे हैं।

खींचन बना संरक्षण का मॉडल

पोकरण से लगभग 65 किलोमीटर दूर फलोदी जिले का खींचन गाँव कुरजां के लिए एक सफल संरक्षण मॉडल के रूप में कार्य करता है, जहाँ प्रतिवर्ष 10,000-15,000 पक्षी आते हैं। इस स्थल पर नियमित भोजन, स्वच्छ पानी, चिकित्सा देखभाल, सुरक्षा, पर्यटकों के लिए देखने के स्थान और भूमिगत बिजली लाइनों जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो जैसलमेर के पड़ाव स्थलों पर काफी हद तक अनुपस्थित हैं।

उन्नत बुनियादी ढांचे के लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और वन विभाग खींचन के समान उन्नत सुविधाओं को लागू करते हैं, तो जैसलमेर में कुरजां की आबादी संभावित रूप से तीन गुना हो सकती है। यह सुधार न केवल जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देगा, बल्कि क्षेत्र में पक्षी पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।

क्यों मायने रखता है

जैसलमेर में प्रवासी कुरजां पक्षियों के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी उनके प्रवास और क्षेत्र में प्रकृति पर्यटन के विकास में बाधा डाल सकती है, भले ही आस-पास के क्षेत्रों में संरक्षण प्रयासों की सफलता साबित हो चुकी है।

मुख्य तथ्य

  • Annual Kurjan Arrival: Next two months (September start)
  • Current State: Lack of essential facilities at stopover sites
  • Current Migratory Population…: 4,000-5,000 Kurjan annually
  • Successful Model: Khichan, Phalodi (10,000-15,000 Kurjan)
  • Potential Growth with Facilities: Threefold increase in Jaisalmer's Kurjan population
  • Duration of Stay: Approximately six months

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