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एलपीजी उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे साइबर ठग

Briovo· 15 Jun 2026
एलपीजी उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे साइबर ठग

साइबर अपराधी अब जैसलमेर में एलपीजी उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी बंद होने या गैस कनेक्शन कटने का डर दिखाकर निशाना बना रहे हैं। वे केवाईसी अपडेट के नाम पर फर्जी कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेजते हैं, जिनमें नकली लिंक होते हैं। जैसे ही उपभोक्ता इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं, उन्हें आधिकारिक पोर्टल जैसी दिखने वाली धोखेबाज वेबसाइटों पर भेज दिया जाता है, जहाँ उनसे संवेदनशील बैंकिंग विवरण, ओटीपी और यूपीआई जानकारी दर्ज करने के लिए कहा जाता है। विशेषज्ञों ने गोपनीय डेटा साझा न करने और किसी भी प्रश्न के लिए सीधे गैस एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दी है। यह नई रणनीति घरों द्वारा उपयोग की जाने वाली आवश्यक सेवाओं का फायदा उठाती है।

सब्सिडी का डर: नया स्कैम

जैसलमेर में साइबर ठग अब एलपीजी सब्सिडी बंद होने या गैस कनेक्शन कटने के डर का फायदा उठाकर उपभोक्ताओं को फंसा रहे हैं। वे कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप के ज़रिए तत्काल संदेश भेजते हैं, जिसमें केवाईसी अपडेट जैसे विभिन्न मुद्दों का दावा किया जाता है। यह रणनीति घबराहट और तात्कालिकता पैदा करती है, जिससे व्यक्ति बिना सोचे-समझे कार्य करते हैं और घोटाले का शिकार बन जाते हैं।

कैसे काम करता है स्कैम

धोखेबाज नकली लिंक भेजते हैं, जिन पर क्लिक करने पर उपयोगकर्ता आधिकारिक गैस कंपनी पोर्टल्स जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटों पर रीडायरेक्ट हो जाते हैं। इन धोखेबाज साइटों पर, पीड़ितों को संवेदनशील व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी दर्ज करने के लिए कहा जाता है। इसमें मोबाइल नंबर, बैंक विवरण, डेबिट कार्ड की जानकारी, ओटीपी और यूपीआई अनुमतियाँ शामिल हैं, जिनका उपयोग ठग उनके खातों तक अवैध रूप से पहुँचने और धन निकालने के लिए करते हैं।

खुद को सुरक्षित रखें: विशेषज्ञ सलाह

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ उपभोक्ताओं से आग्रह करते हैं कि वे संदेश की तात्कालिकता की परवाह किए बिना कभी भी ओटीपी, पिन, सीवीवी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। क्लिक करने से पहले किसी भी लिंक की प्रामाणिकता की पुष्टि करना और लेनदेन के लिए केवल आधिकारिक गैस कंपनी ऐप्स या वेबसाइटों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। संदिग्ध कॉल आने पर, व्यक्तियों को स्पष्टीकरण के लिए सीधे अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करना चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता खतरा

जैसलमेर में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. जालमसिंह ने बताया कि विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता अभियानों की तत्काल आवश्यकता है। डिजिटल साक्षरता कम होने के कारण ये क्षेत्र ऐसे घोटालों के लिए तेजी से लक्ष्य बन रहे हैं। अधिकांश वित्तीय धोखाधड़ी इसलिए होती हैं क्योंकि उपभोक्ता अनजाने में अपनी जानकारी साझा कर देते हैं, न कि सिस्टम के उल्लंघन के कारण।

साइबर अपराध की रिपोर्ट करें

यदि आपको कोई संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश मिलता है, तो उन्हें तुरंत रिपोर्ट करना आवश्यक है। आप राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं। समय पर रिपोर्ट करने से वित्तीय नुकसान को रोकने और अधिकारियों को धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

क्यों मायने रखता है

यह घोटाला एक बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है जहां साइबर अपराधी आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं का फायदा उठाते हैं और व्यक्तियों को धोखा देने के लिए तात्कालिकता पैदा करते हैं। व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी की सुरक्षा के लिए जागरूकता महत्वपूर्ण है।

मुख्य तथ्य

  • New Scam Tactic: Cybercriminals use fear of LPG subsidy suspension/disconnection.
  • Modus Operandi: Fraudulent calls, SMS, WhatsApp with fake KYC update links.
  • Information Targeted: Banking details, OTPs, UPI information.
  • Expert Advice: Do not share OTP, PIN, CVV, passwords; verify links; contact gas agencies directly.
  • Cybercrime Reporting: Report incidents to National Cybercrime Portal or helpline 1930.
  • Affected Regions: Rural and semi-urban areas are increasingly targeted.

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