आठवाँ वेतन आयोग: NC-JCM की सेवानिवृत्ति माँगें महत्वपूर्ण
आठवें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया महत्वपूर्ण दौर में है, जिसमें नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC-JCM) सेवानिवृत्ति लाभों में महत्वपूर्ण सुधारों की मांग कर रहा है। उनकी मांगों में ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर ₹75 लाख करना, असैन्य पेंशनभोगियों के लिए वन रैंक वन पेंशन (OROP) का विस्तार, और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना शामिल है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सेवानिवृत्ति सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद के कल्याण को बढ़ाना है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोग से मई या जून 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है, जिसमें पेंशन सुधार एक महत्वपूर्ण पहलू होगा।
AI सारांश
3 bulletsआठवें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया तेज
आठवें वेतन आयोग ने अपने 18 महीने के कार्यकाल के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है, जिसमें नौ महीने के परामर्श पहले ही पूरे हो चुके हैं। प्रमुख चर्चाएँ अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सेवानिवृत्ति लाभों, पेंशन सुधारों और सेवानिवृत्ति के बाद के कल्याण पर केंद्रित हैं। 3 नवंबर, 2025 को गठित आयोग, विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहा है।
NC-JCM की प्रमुख सेवानिवृत्ति माँगें
नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC-JCM) ने सेवानिवृत्ति लाभों के लिए कई महत्वपूर्ण मांगों को रेखांकित करते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है। इनमें डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी (DCRG) की सीमा ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹75 लाख करना और असैन्य पेंशनभोगियों के लिए वन रैंक वन पेंशन (OROP) सिद्धांत का विस्तार करना शामिल है। वे 11 साल बाद या 71 साल की उम्र में, जो भी पहले हो, पेंशन के कम्यूटेड हिस्से को बहाल करने की भी मांग कर रहे हैं।
पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर जोर
NC-JCM की एक केंद्रीय मांग राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और उत्तर प्रदेश पेंशन योजना (UPS) को वापस लेकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना है। सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए OPS, एक परिभाषित, गैर-अंशदायी योजना, की मांग की जा रही है। इस मांग का उद्देश्य बाजार से जुड़ी NPS की तुलना में अधिक सेवानिवृत्ति सुरक्षा प्रदान करना है।
आगामी परामर्श और रिपोर्ट की समय सीमा
परामर्श का अगला दौर दिल्ली में शुरू होने वाला है, जिसके बाद चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में बैठकें होंगी। सभी हितधारकों की प्रतिक्रिया एकत्र करने के बाद, आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा। यह रिपोर्ट मई या जून 2027 के आसपास केंद्र सरकार को प्रस्तुत की जाएगी, जिससे इसका 18 महीने का कार्य समाप्त हो जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों पर व्यापक प्रभाव
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अगले दशक तक लाखों सेवारत और सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वित्तीय परिदृश्य को आकार देंगी। फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, और विशेष रूप से पेंशन सुधारों और सेवानिवृत्ति लाभों पर लिए गए निर्णयों का उनके आर्थिक कल्याण पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। इसलिए, चल रहे परामर्शों को सभी हितधारकों द्वारा बारीकी से देखा जा रहा है।
क्यों मायने रखता है
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें अगले दशक तक लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन को निर्धारित करेंगी। NC-JCM की मांगें इन सुधारों को आकार देने में महत्वपूर्ण हैं, विशेषकर सेवानिवृत्ति सुरक्षा और पुरानी पेंशन योजना की संभावित बहाली के संबंध में, जो सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय स्थिति को सीधे प्रभावित करेंगी।
मुख्य तथ्य
- •Commission Head: Justice Ranjana Prakash Desai
- •NC: Increase limit from ₹25 lakh to ₹75 lakh
- •Pension Scheme Demand: Restore Old Pension Scheme (OPS)
- •Report Submission: Expected by May or June 2027
- •Current Status: Consultations in crucial phase (9 months completed, 9 months remaining)
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