ओडिशा: इंजीनियरों ने ट्रांसफर के लिए डिप्टी स्पीकर के फर्जी हस्ताक्षर किए
ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष भबानी शंकर भोई के फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में एक सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) को गिरफ्तार किया गया है और एक अन्य वांछित है। इंजीनियरों, लक्ष्मण हेम्ब्रम और मोनालिसा बहेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने सुंदरगढ़ जिले में तबादले हासिल करने के लिए उपाध्यक्ष कार्यालय के जाली सिफारिशी पत्र और अर्ध-सरकारी लेटरहेड बनाए। यह घोटाला तब सामने आया जब पंचायती राज विभाग को जाली दस्तावेज जमा किए जाने के बाद उपाध्यक्ष कार्यालय ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हेम्ब्रम से आगे की जानकारी के लिए पूछताछ की जा रही है।
AI सारांश
3 bulletsगिरफ्तारी और आरोप
ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष भबानी शंकर भोई के फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में एक सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई), लक्ष्मण हेम्ब्रम को गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में एक अन्य इंजीनियर, मोनालिसा बहेड़ा, पुलिस द्वारा वांछित है। दोनों इंजीनियरों पर अपने तबादलों को सुविधाजनक बनाने के लिए उपाध्यक्ष कार्यालय से जाली सिफारिशी पत्र और अर्ध-सरकारी लेटरहेड बनाने का आरोप है।
जालसाजी का विवरण
उपाध्यक्ष कार्यालय के अनुसार, दोनों इंजीनियरों ने पंचायती राज विभाग को जाली दस्तावेज जमा किए। इन दस्तावेजों में उपाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर वाले नकली सिफारिशी पत्र और जाली अर्ध-सरकारी लेटरहेड शामिल थे। इन जाली दस्तावेजों का उद्देश्य हेम्ब्रम और बहेड़ा के सुंदरगढ़ जिले में तबादले सुरक्षित करना था।
आधिकारिक शिकायत और जांच
यह जालसाजी उपाध्यक्ष कार्यालय द्वारा पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद सामने आई। शिकायत में कहा गया है कि ये दस्तावेज उनके कार्यालय द्वारा जारी या अधिकृत नहीं किए गए थे, जो गंभीर आपराधिक अपराध हैं। हेम्ब्रम और बहेड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेज के धोखाधड़ीपूर्ण उपयोग के आरोप शामिल हैं।
जालसाजी पर आधारित पिछले तबादले
जालसाजी का पता चलने से पहले, दोनों इंजीनियरों का सुंदरगढ़ जिले में तबादला हो चुका था। यह तबादला पंचायती राज विभाग द्वारा 8 जून को जारी आदेश द्वारा संभव हुआ था, जो जाली सिफारिशी पत्रों पर आधारित था। पत्रों में उनके तबादलों के लिए 'प्रशासनिक और जनहित के आधार' का हवाला दिया गया था, जिसमें झूठा दावा किया गया था कि उनकी तकनीकी विशेषज्ञता पंचायती राज योजनाओं को लाभ पहुंचाएगी।
वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्रवाई
लक्ष्मण हेम्ब्रम से जालसाजी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। अधिकारी मोनालिसा बहेड़ा की सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं, जो अभी भी फरार है। जांच का उद्देश्य साजिश की पूरी सीमा का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कार्यालय के दुरुपयोग और धोखाधड़ी गतिविधियों के लिए सभी शामिल पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
क्यों मायने रखता है
यह मामला सरकारी विभागों के भीतर भ्रष्टाचार और आधिकारिक पदों के दुरुपयोग की समस्या को उजागर करता है, जो स्थानांतरण प्रक्रियाओं में सख्त सत्यापन प्रक्रियाओं की आवश्यकता पर बल देता है।
मुख्य तथ्य
- •Arrested Engineer: Laxman Hembram
- •Wanted Engineer: Monalisa Behera
- •Forged Signature Of: Odisha Assembly Deputy Speaker Bhabani Shankar Bhoi
- •Department Involved: Panchayati Raj Department
- •Desired Transfer Location: Sundargarh District
- •Date of Previous Transfers (based…: June 8 order
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