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राजस्थान में बनेगी "नमो सिटी"

Briovo· 17 Jun 2026, 08:03 am IST
राजस्थान में बनेगी "नमो सिटी"

दिल्ली पर आबादी के दबाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चार नई "नमो सिटी" विकसित की जाएंगी, जिनमें से एक राजस्थान में बनेगी। राज्य सरकार अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में इस ग्रीनफ़ील्ड स्मार्ट सिटी के लिए ज़मीन तलाशेगी। केंद्र सरकार इन शहरों के विकास के लिए पांच साल में ₹5000 करोड़ की सहायता देगी। ये शहर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के पास बनाए जाएंगे और इनका उद्देश्य आधुनिक बुनियादी ढाँचा प्रदान करना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है, जिसकी शुरुआत 2-3 लाख लोगों के लिए सुविधाओं से होगी।

AI सारांश

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दिल्ली के दबाव को कम करने के लिए नमो सिटी

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चार नई 'नमो सिटी' विकसित करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली पर पड़ रहे महत्वपूर्ण आबादी के दबाव को कम करना है, जिसके लिए आसपास के राज्यों में आधुनिक, ग्रीनफ़ील्ड शहरी केंद्र बनाए जाएंगे। इन शहरों को आत्मनिर्भर केंद्रों के रूप में देखा जा रहा है, जो जनसंख्या और आर्थिक गतिविधियों को पुनर्वितरित करेंगे।

राजस्थान की भूमिका और भूमि की तलाश

राजस्थान इन नई नमो सिटी में से एक की मेजबानी करेगा। राज्य सरकार अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ नामक तीन विशिष्ट जिलों में उपयुक्त भूमि की सक्रिय रूप से तलाश करेगी। यह भूमि पहचान नए शहरी केंद्र की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम है।

केंद्रीय वित्त पोषण और विकास पर ध्यान

केंद्र सरकार ने इन शहरों के विकास के लिए पांच साल की अवधि में ₹5000 करोड़ का पर्याप्त वित्तीय सहायता देने का वादा किया है। ये नमो शहर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के पास रणनीतिक रूप से स्थित होंगे, जो उत्कृष्ट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगे। चौड़ी सड़कों, कुशल जल निकासी और स्मार्ट यातायात प्रबंधन प्रणालियों सहित स्मार्ट बुनियादी ढांचे के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

आधुनिक जीवन और अर्थव्यवस्था के लिए विजन

नए शहर पर्यावरण के अनुकूल और आत्मनिर्भर होने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो प्रारंभिक रूप से 2-3 लाख लोगों की आबादी के लिए आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेंगे। इनमें उन्नत स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थान, पार्क, खेल परिसर और वाणिज्यिक क्षेत्र होंगे। इसका मुख्य लक्ष्य निवेश आकर्षित करना और नए रोजगार के अवसर पैदा करना है, जिससे संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

नामकरण और भविष्य का विस्तार

इन शहरों को 'नमो सिटी' कहा जाएगा क्योंकि इन्हें RRTS कॉरिडोर की 'नमो भारत' ट्रेन पटरियों के साथ विकसित किया जाएगा। नियोजन बोर्ड का लक्ष्य शुरुआत में ऐसे आठ शहर स्थापित करना है, जिसमें से पहले चरण में चार को मंजूरी दी गई है। यह कदम दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों को टोक्यो की तर्ज पर विकसित करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है।

क्यों मायने रखता है

नमो शहरों का विकास दिल्ली को भीड़भाड़ से मुक्त करने में मदद करेगा, आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, और उन्नत बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों के साथ स्थायी, आधुनिक शहरी केंद्र स्थापित करेगा, जो भारत की स्मार्ट सिटी पहलों के अनुरूप है।

मुख्य तथ्य

  • Number of Namo Cities: 4 (in NCR states: Rajasthan, Haryana, Uttar Pradesh, Delhi)
  • Central Government Aid: ₹5000 crore over 5 years
  • Districts for Land Identification in Rajasthan: Alwar, Khairthal-Tijara, Kotpootli-Behror
  • Initial Population Capacity: 2-3 lakh
  • Projected Development: Near Regional Rapid Transit System (RRTS) corridors

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