ऑस्ट्रेलियाई अप्रवासन-विरोधी समूह करेगा पीएम मोदी के मेलबर्न कार्यक्रम का विरोध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में एक ऑस्ट्रेलियाई अप्रवासन-विरोधी समूह ने "मेलबर्न मीट्स मोदी" कार्यक्रम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। "मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया" से जुड़ा यह समूह पहले भी भारतीय प्रवासियों को निशाना बना चुका है और मार्वल स्टेडियम तक मार्च के लिए समर्थकों को लामबंद कर रहा है। यह विरोध प्रदर्शन पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज़ के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की बातचीत के बीच हो रहा है। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में अप्रवासन, खासकर भारतीय मूल की बढ़ती आबादी को लेकर चल रही बहस को उजागर करती है।
AI सारांश
3 bulletsअप्रवासन-विरोधी प्रदर्शन की योजना
एक ऑस्ट्रेलियाई अप्रवासन-विरोधी समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेलबर्न दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की योजना की घोषणा की है। यह प्रदर्शन मार्वल स्टेडियम में 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम के साथ होगा, जहाँ भारतीय प्रवासियों का एक बड़ा समूह पीएम मोदी का स्वागत करने वाला है। 'मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया' आंदोलन से जुड़ा यह समूह भारतीय प्रवासियों के विरोध के लिए जाना जाता है।
लामबंदी के प्रयास जारी
'मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया' आंदोलन से जुड़े सोशल मीडिया खाते, जिनमें X पर 'Aus Pill' भी शामिल है, सक्रिय रूप से विरोध प्रदर्शन के लिए समर्थकों को जुटा रहे हैं। ऑनलाइन प्रसारित प्रचार सामग्री में प्रतिभागियों से गृह मामलों के विभाग के कार्यालय में इकट्ठा होने और फिर मार्वल स्टेडियम की ओर मार्च करने का आह्वान किया गया है। जबकि ऑनलाइन पोस्ट सत्यापित हैं, अपेक्षित भीड़ और पुलिस को दी गई सूचना की स्थिति अभी भीBअपुष्ट है।
मोदी का दौरा और द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा में उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज़ के साथ महत्वपूर्ण बातचीत शामिल है, जिसका मुख्य ध्यान रणनीतिक और आर्थिक सहयोग का विस्तार करना है। चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा शामिल होने की उम्मीद है। यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साझा चिंताओं और क्वाड जैसे मंचों के माध्यम से सहयोग से मजबूत होते संबंधों को रेखांकित करती है।
पिछला अप्रवासन-विरोधी रुख
यह नियोजित विरोध प्रदर्शन पिछले साल अगस्त में 'मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया' द्वारा आयोजित अप्रवासन-विरोधी रैलियों के बाद हो रहा है, जिन्होंने विशेष रूप से भारतीय प्रवासियों को निशाना बनाया था। इन पिछले प्रदर्शनों ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की आबादी की तेजी से वृद्धि और देश की जनसांख्यिकी पर इसके प्रभाव के बारे में चिंताओं को उजागर किया था। इन रैलियों को ऑस्ट्रेलियाई राजनीतिक गलियारों में व्यापक आलोचना मिली थी।
ऑस्ट्रेलिया में बढ़ता भारतीय प्रवासन
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो इंग्लैंड में जन्मे लोगों के बाद लगभग दस लाख लोगों के साथ दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय बन गया है। यह जनसांख्यिकीय परिवर्तन अप्रवासन-विरोधी समूहों के लिए विवाद का विषय रहा है। विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, भारतीय समुदाय ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज का एक महत्वपूर्ण और बढ़ता हुआ हिस्सा बना हुआ है।
क्यों मायने रखता है
पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान नियोजित विरोध प्रदर्शन देश में बढ़ती अप्रवासन संबंधी चिंताओं को दर्शाता है, विशेषकर भारतीय प्रवासियों को लक्षित करते हुए। यह घटना भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताओं के बीच हो रही है, जिससे यह विरोध प्रदर्शन घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बन गया है।
मुख्य तथ्य
- •Event: PM Modi's 'Melbourne Meets Modi' diaspora event
- •Protest organizer: Australian anti-immigration group ('March for Australia')
- •Location of protest: Melbourne, outside Marvel Stadium
- •Date of protest: Thursday (during Modi's visit in July 2026)
- •Purpose of Modi's visit: Strategic and economic cooperation talks with PM Anthony Albanese
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