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RGHS: ओपीडी जांचों के लिए ₹2000 तक अब पूर्व अनुमति नहीं

Briovo· 12 Jul 2026, 07:53 pm IST
RGHS: ओपीडी जांचों के लिए ₹2000 तक अब पूर्व अनुमति नहीं

राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) ने ओपीडी रूटीन जांचों के लिए 13 जुलाई से नई गाइडलाइन जारी की है। अब मरीज ₹2,000 तक की जांचें बिना अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर की पूर्व अनुमति के सीधे करा सकेंगे। ₹2,000 से अधिक की जांचों के लिए, RGHS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य है, जिसके लिए अनुमोदन की समय सीमा निर्धारित की गई है (तत्काल के लिए 1 घंटा, सामान्य के लिए 3 घंटे)। आपातकालीन मामलों को पूर्व-प्राधिकरण से छूट दी गई है। इसका उद्देश्य ओपीडी जांचों की अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और तेज करना है, जिससे सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य योजना के तहत लाभ मिलेगा।

AI सारांश

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ओपीडी के लिए नए RGHS दिशानिर्देश

राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) ने अपने बाह्य रोगी विभाग (OPD) की नियमित जांच प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) द्वारा जारी ये नए दिशानिर्देश 13 जुलाई से प्रभावी होंगे, जिससे लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी।

छोटे टेस्ट के लिए सरलीकृत अनुमोदन

संशोधित प्रणाली के तहत, यदि लागत ₹2,000 तक है, तो मरीज अब डॉक्टर द्वारा निर्धारित नियमित जांच सीधे करा सकेंगे। ऐसे परीक्षणों के लिए अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों को अब RGHS पोर्टल से पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

अधिक महंगे परीक्षणों के लिए त्वरित अनुमोदन

₹2,000 से अधिक की जांचों के लिए, अस्पतालों या डॉक्टरों को RGHS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा। अनुमोदन के लिए एक विशिष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है: थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) द्वारा तत्काल जांच के लिए एक घंटा और सामान्य जांच के लिए तीन घंटे। यदि इन अवधियों के भीतर कोई अनुमोदन प्राप्त नहीं होता है, तो आवेदन स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा।

आपातकालीन मामलों के लिए छूट

सरकार ने आपातकालीन मरीजों को पूर्व-प्राधिकरण प्रक्रिया से छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। गंभीर परिस्थितियों में, डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर तुरंत आवश्यक जांच कर सकते हैं। हालांकि, अस्पतालों को बाद में सभी प्रासंगिक नैदानिक ​​दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड RGHS पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।

अनुपालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना

सभी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक केंद्रों, थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) और अन्य संबंधित संस्थानों को इन नए निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य ओपीडी जांचों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है, जिससे RGHS की समग्र कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना के बारे में

RGHS राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक कैशलेस स्वास्थ्य योजना है, जो पात्र सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में चिकित्सा उपचार सुविधाएं प्रदान करती है। इसमें ओपीडी और आईपीडी उपचार, विभिन्न जांचें, दवाएं, सर्जरी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं, जिसकी सभी प्रक्रियाएं RGHS पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से प्रबंधित की जाती हैं।

क्यों मायने रखता है

यह बदलाव राजस्थान में हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नियमित चिकित्सा जांच तक पहुंच को सरल बनाता है, जिससे RGHS के तहत स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में प्रतीक्षा समय और नौकरशाही की बाधाएं कम हो सकती हैं।

मुख्य तथ्य

  • Effective Date: July 13
  • Approval Limit: ₹2,000 for no prior approval
  • Urgent Test Approval: 1 hour
  • General Test Approval: 3 hours
  • Beneficiaries: Government employees, pensioners, dependents

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