पोकरण सीवरेज परियोजना: STP स्थान तय नहीं, काम पर उठे सवाल
राजस्थान के पोकरण में ₹25 करोड़ की सीवरेज परियोजना सवालों के घेरे में है, क्योंकि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का स्थान तय किए बिना ही पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं। तकनीकी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एसटीपी के बिना आगे बढ़ने से भविष्य में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। रुडसिको को 3 एमएलडी क्षमता के एसटीपी और 11.300 किमी पाइपलाइन का काम सौंपा गया है, लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने का काम जारी होने के बावजूद एसटीपी के लिए भूमि का चयन अभी बाकी है। सामग्री की गुणवत्ता जांच और रिसाव का पता लगाने के लिए हाइड्रो टेस्टिंग की अनुपस्थिति पर भी चिंताएं जताई गई हैं, जिससे तकनीकी मानकों और परियोजना की उचित योजना पर सवाल उठ रहे हैं।
AI सारांश
3 bulletsपोकरण सीवरेज परियोजना पर अनिश्चितता के बादल
पोकरण में ₹25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का स्थान तय किए बिना ही पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि यह दृष्टिकोण भविष्य में बड़ी तकनीकी समस्याओं को जन्म दे सकता है।
परियोजना विवरण और स्वीकृति
राजस्थान सरकार ने बजट वर्ष 2024-25 में पोकरण शहर के लिए 3 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और 11.300 किलोमीटर लंबी सीवरेज पाइपलाइन के लिए ₹25 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। इस परियोजना को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी शहरी ढांचागत विकास में शामिल राज्य-स्तरीय एजेंसी रुडसिको को सौंपी गई थी।
एसटीपी स्थान अभी भी अनिश्चित
फलसूंड रोड, जोधपुर रोड और तिरुपति नगर कॉलोनी में पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है, लेकिन एसटीपी निर्माण स्थल का अंतिम चयन अभी बाकी है। प्रोजेक्ट मैनेजर शिवलाल ने बताया कि डीपीआर में भवानीपुरा में एक स्थान इंगित किया गया था, लेकिन स्थानीय विरोध के कारण कोई निर्णय नहीं हो पाया है, और अभी तक कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
गुणवत्ता नियंत्रण उपायों का अभाव
तकनीकी मानकों के अनुसार, निर्माण स्थल पर सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए एक अस्थायी प्रयोगशाला स्थापित करना अनिवार्य है। हालांकि, मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं देखी गई है। इसके अतिरिक्त, पाइपलाइन क्षमता की जांच और लीकेज का पता लगाने के लिए आवश्यक हाइड्रो टेस्टिंग भी कथित तौर पर नहीं की जा रही है, जिससे परियोजना की अखंडता के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं।
क्यों मायने रखता है
पोकरण सीवरेज परियोजना का कुप्रबंधन बड़े वित्तीय नुकसान और गंभीर पर्यावरणीय व सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, यदि एसटीपी को ठीक से एकीकृत नहीं किया गया, जिससे स्वच्छता पहल का पूरा उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
मुख्य तथ्य
- •Project Cost: ₹25 Crore
- •STP Capacity: 3 MLD
- •Pipeline Length: 11.300 km
- •Responsible Agency: Rudsico
- •Current Status: STP location undecided, pipeline laying underway
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…