कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन रद्द होने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां 18 जून को तीन सीटों के लिए चुनाव होने हैं। उनका नामांकन 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने हैदराबाद कोर्ट में लंबित मामले का हलफनामे में खुलासा न करने के आरोप में खारिज कर दिया था। कांग्रेस का तर्क है कि कोई आपराधिक मामला आधिकारिक तौर पर मौजूद नहीं है, क्योंकि किसी भी कोर्ट ने संज्ञान नहीं लिया है, और तत्काल सुनवाई की योजना बना रही है। भाजपा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों में सभी लंबित मामलों का खुलासा करना अनिवार्य है, और उनका ऐसा न करना नियमों का उल्लंघन है। इस अस्वीकृति से कांग्रेस प्रभावी रूप से तीन राज्यसभा सीटों में से एक के लिए प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गई है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला चुनाव उम्मीदवारों के लिए सख्त प्रकटीकरण आवश्यकताओं और "लंबित मामले" के संबंध में कानूनी व्याख्याओं पर प्रकाश डालता है। यह चुनाव कानून, न्यायिक प्रक्रियाओं और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार उम्मीदवार नामांकन में चुनाव आयोग की भूमिका को समझने के लिए प्रासंगिक है।
मुख्य तथ्य
- •Candidate: Meenakshi Natarajan (Congress)
- •Election Date: June 18
- •State: Madhya Pradesh
- •Number of Rajya Sabha Seats: 3
- •Returning Officer: Arvind Sharma
- •Rejection Date: June 9
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