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चिदंबरम का दावा: भाजपा 131वां संशोधन विधेयक लाएगी

Briovo· 15 Jul 2026, 12:49 am IST
चिदंबरम का दावा: भाजपा 131वां संशोधन विधेयक लाएगी

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने दावा किया है कि भाजपा आगामी मानसून सत्र में 131वां संविधान संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है। उनका आरोप है कि यह विधेयक, जिसे महिला आरक्षण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, दरअसल निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और अनुचित बदलाव का एक दांव है। चिदंबरम ने एनसीपी (एसपी) और द्रमुक से इस "विफल" विधेयक का समर्थन न करने का आग्रह किया है, क्योंकि यह उन राज्यों को कमजोर करेगा जिन्होंने जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया है। प्रस्तावित विधेयक लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ा सकता है और परिसीमन शुरू कर सकता है, जबकि 106वां संशोधन पहले ही महिला आरक्षण का प्रावधान करता है।

AI सारांश

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चिदंबरम का 131वें संशोधन पर आरोप

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान 131वां संविधान संशोधन विधेयक फिर से पेश करने का इरादा रखती है। यह विधेयक कथित तौर पर अप्रैल 2026 में पिछले संसदीय सत्र में विफल हो गया था। उनका कहना है कि भाजपा इसे पारित कराने के लिए एनसीपी (एसपी) और द्रमुक से समर्थन मांग रही है।

छिपा हुआ परिसीमन और सीमांकन

हालांकि यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण के उपाय के रूप में प्रस्तुत किया गया है, चिदंबरम का दावा है कि इसका वास्तविक उद्देश्य निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और संभावित अनुचित बदलाव को सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि 106वां संशोधन अधिनियम पहले ही महिला आरक्षण का प्रावधान करता है, जिससे इस उद्देश्य के लिए एक नए विधेयक की कोई आवश्यकता नहीं है।

क्षेत्रीय दलों से अपील

चिदंबरम ने एनसीपी (एसपी) और द्रमुक से सीधे तौर पर इस संशोधित विधेयक का समर्थन न करने की अपील की है, इसे एक "विफल" प्रयास बताते हुए। उनका मानना है कि इस संस्करण का समर्थन करना उनके विवेक के साथ विश्वासघात होगा और भाजपा द्वारा उन्हें लुभाने का एक प्रयास होगा, जैसा कि टीएमसी के साथ कथित कृत्यों में हुआ।

राज्यों के अधिकारों और प्रतिनिधित्व पर खतरा

चिदंबरम द्वारा उठाई गई एक प्रमुख चिंता यह है कि मौजूदा परिसीमन फार्मूले उन राज्यों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं जिन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है और अपनी जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया है। उन्होंने भाजपा के आक्रामक रुख के खिलाफ राज्यों के अधिकारों की मजबूती से रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया, संघीय अखंडता की वकालत की।

मानसून सत्र का एजेंडा और सीटों में वृद्धि

सरकार 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान इस विधेयक को पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने के प्रावधान शामिल हैं।

क्यों मायने रखता है

इस विधेयक का राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, खासकर महिला आरक्षण और चुनावी सीमाओं के संभावित पुनर्गठन पर, जिससे संघवाद और राज्यों के अधिकारों पर असर पड़ सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Bill Number: 131st Constitutional Amendment Bill
  • Session: Monsoon Session (starting July 20)
  • Claimed Purpose: Women's reservation in Lok Sabha and State Assemblies
  • Alleged Real Purpose: Delimitation and gerrymandering of constituencies
  • Proposed Lok Sabha Seats: Up to 850
  • Opposition Appeal To: NCP (SP) and DMK

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