मोदी मेलबर्न कार्यक्रम: आयोजकों ने 'पेड क्राउड' के आरोपों को नकारा
ऑस्ट्रेलिया में हुए 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के 'पेड क्राउड' (पैसे देकर जुटाई गई भीड़) के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि करीब 30,000 लोग अपनी मर्जी और अपने खर्च पर कार्यक्रम में शामिल हुए थे, न कि किसी राजनीतिक दल या सरकार के कहने पर। 'मोदी एयरवेज' जैसी चार्टर्ड उड़ानों का इंतजाम करने वाले स्वयंसेवकों ने जोर देकर कहा कि सभी यात्रा और आवास का खर्च व्यक्तियों द्वारा या सामुदायिक सहयोग से वहन किया गया था। उन्होंने कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की है, क्योंकि उनके अनुसार ऐसे आरोप हजारों भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई लोगों की गरिमा का अपमान करते हैं।
AI सारांश
3 bullets'पेड क्राउड' के आरोपों का खंडन
ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम में शामिल लोग 'पेड क्राउड' थे। आयोजकों का दावा है कि लगभग 30,000 प्रतिभागियों ने स्वेच्छा से कार्यक्रम में भाग लिया और अपने खर्चों का वहन स्वयं किया।
स्व-वित्तपोषित यात्रा और सामुदायिक सहायता
सामुदायिक स्वयंसेवकों, जिन्होंने सिडनी से मेलबर्न तक 'मोदी एयरवेज' चार्टर्ड उड़ानों का भी आयोजन किया था, द्वारा जारी खुले पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यात्रा और आवास का खर्च भाजपा, भारतीय या ऑस्ट्रेलियाई सरकारों द्वारा नहीं उठाया गया था। प्रतिभागियों ने या तो अपने खर्चों का स्वयं वहन किया या सामुदायिक पहलों के माध्यम से सहयोग प्राप्त किया। यह उनकी भागीदारी के आत्मनिर्भर स्वभाव को उजागर करता है।
आजतक से आयोजक का बयान
आयोजकों में से एक अमित कारंत ने आजतक टीवी को दिए एक साक्षात्कार में कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सिडनी, एडिलेड, पर्थ और ब्रिस्बेन सहित ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों से लोग स्वेच्छा से मेलबर्न आए थे। कारंत ने जोर दिया कि किसी भी सरकारी एजेंसी या राजनीतिक दल ने उनकी यात्रा के लिए धन नहीं दिया, और पूरी व्यवस्था स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा प्रबंधित की गई थी।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई लोगों की गरिमा पर सवाल
आयोजकों ने तर्क दिया कि कार्यक्रम को 'प्रायोजित' कहना हजारों भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की ईमानदारी और स्वतंत्र सोच को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि उन्हें 'भुगतानित राजनीतिक भीड़' के रूप में वर्गीकृत करना इन प्रवासियों की गरिमा का अपमान है, जिनमें ऑस्ट्रेलियाई नागरिक, स्थायी निवासी, पेशेवर, व्यवसायी, छात्र और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय विविध है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक संबद्धताओं के समर्थक शामिल हैं।
सार्वजनिक माफी की मांग
महीनों की योजना और समर्पित स्वयंसेवी प्रयासों के बाद, आयोजकों ने कांग्रेस नेतृत्व से तीन प्रमुख मांगें की हैं। वे सार्वजनिक स्वीकारोक्ति चाहते हैं कि भाजपा या भारत सरकार ने उड़ानों को वित्त पोषित नहीं किया था, 'भुगतानित भीड़' के आरोपों को वापस लिया जाए, और सभी स्वयंसेवकों, यात्रियों और पूरे भारतीय समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगी जाए। उनका तर्क है कि घरेलू राजनीतिक विवादों को विदेशों में भारतीय प्रवासियों को लक्षित नहीं करना चाहिए।
क्यों मायने रखता है
पीएम मोदी के कार्यक्रम में भीड़ को लेकर हुआ विवाद भारत के सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच विदेशी आयोजनों तक फैले राजनीतिक विमर्श को उजागर करता है, और भारतीय प्रवासियों की भागीदारी की धारणा को प्रभावित करता है।
मुख्य तथ्य
- •Event Name: Melbourne Meets Modi
- •Date of Event: July 9, 2026
- •Location: Marvel Stadium, Melbourne
- •Approximate Attendance: 30,000 people
- •Allegations Made By: Rahul Gandhi and Mallikarjun Kharge (Congress)
- •Organisers' Demand: Public apology from Congress
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