अभद्र व्यवहार पर SC से याचिकाकर्ता को हटाया गया
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता को अभद्र व्यवहार के बाद जबरन कोर्टरूम से हटा दिया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दे रहे याचिकाकर्ता ने अपना आपा खो दिया, कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और बेंच से एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग की। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और आलोक आराधे इस सत्र की अध्यक्षता कर रहे थे। याचिकाकर्ता, जो वकील के बैंड के बिना पेश हुए थे, ने दस्तावेज हवा में उछाल दिए जिसके बाद उन्हें सुरक्षाकर्मियों द्वारा बाहर निकाल दिया गया। अदालत ने घटना पर तत्काल कोई आदेश पारित किए बिना कार्यवाही जारी रखी।
AI सारांश
3 bulletsसुप्रीम कोर्ट में अभद्र घटना
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने काफी हंगामा किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दे रहे इस व्यक्ति ने अभद्र व्यवहार किया, जिससे अदालत की कार्यवाही बाधित हुई। इसके परिणामस्वरूप उसे सुरक्षाकर्मियों द्वारा जबरन कोर्टरूम से बाहर निकाल दिया गया।
याचिकाकर्ता का आक्रामक व्यवहार
वकील के बैंड के बिना पेश हुए याचिकाकर्ता ने जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और आलोक आराधे की पीठ के सामने असामान्य रूप से आक्रामक लहजा अपनाया। उसने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और न्यायाधीशों को लखनऊ के एक एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने के लिए भी कहा। उसकी मांगें पीठ के साथ पूरी तरह से बहस में बदल गईं।
बाधा और निष्कासन
स्थिति तब बिगड़ गई जब याचिकाकर्ता ने न केवल आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया बल्कि अपने मामले से संबंधित दस्तावेज भी हवा में उछाल दिए। इससे तुरंत सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने तेजी से स्थिति को नियंत्रण में लिया और व्यवस्था बहाल करने के लिए हंगामा करने वाले व्यक्ति को कोर्टरूम से बाहर निकाल दिया।
अदालत की कार्यवाही जारी
याचिकाकर्ता को हटाने के बाद, अदालत की कार्यवाही सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गई, जो न्यायपालिका की अपने कार्यक्रम को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष रूप से, अदालत ने घटना के संबंध में तत्काल कोई आदेश जारी नहीं किया। ध्यान दिन के कानूनी एजेंडे को जारी रखने पर रहा।
क्यों मायने रखता है
यह घटना न्यायपालिका के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है तथा न्यायिक कार्यवाही के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के महत्व पर प्रकाश डालती है, विशेषकर तब जब वाद-विवादी स्वयं अपना प्रतिनिधित्व करते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Date: July 10, 2026 (Friday)
- •Court: Supreme Court of India
- •Judges: Justices K.V. Viswanathan and Alok Aradhe
- •Incident: Litigant used abusive language and threw papers in court
- •Outcome: Forcibly removed, no immediate court order
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