पूर्व बंगाली मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए TMC पद…
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक ने उच्च रक्त शर्करा और गुर्दे की बीमारियों सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हाल ही में किए गए संगठनात्मक फेरबदल के बाद आया है और हालिया चुनावी झटकों के बाद TMC के भीतर गहराते नेतृत्व संकट के बीच है। साथ ही, गौतम देब ने भी सिलीगुड़ी के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया। पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री मल्लिक को पहले कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि उन्हें मुख्यमंत्री बनर्जी ने चुनाव का टिकट दिया था, जिन्होंने दावा किया था कि उन्हें फंसाया गया था।
AI सारांश
3 bulletsमल्लिक का स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अपने सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने फैसले के प्राथमिक कारणों के रूप में असामान्य रूप से उच्च रक्त शर्करा के स्तर और गुर्दे की बीमारियों सहित गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का हवाला दिया। मल्लिक ने कहा कि उनके बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण पार्टी की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाना असंभव हो गया था।
सहवर्ती इस्तीफे और पार्टी में फेरबदल
उनका इस्तीफा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा TMC के भीतर एक बड़े संगठनात्मक फेरबदल शुरू करने के ठीक कुछ दिनों बाद आया है, जहां मल्लिक को स्वयं पुनर्गठित कार्यकारी समिति में शामिल किया गया था। साथ ही, गौतम देब ने भी सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर के पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी नेतृत्व के भीतर उथल-पुथल की अवधि और उजागर हुई।
मल्लिक का अतीत और सार्वजनिक बयान
मल्लिक, एक पांच बार के विधायक जिन्होंने खाद्य और आपूर्ति मंत्री और बाद में वन मंत्री के रूप में कार्य किया, को अक्टूबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कथित राशन वितरण घोटाले में गिरफ्तारी के बाद अपने करियर में एक बड़ा झटका लगा था। इसके बावजूद, ममता बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से उनका बचाव किया था, यह दावा करते हुए कि उन्हें फंसाया गया था। मल्लिक ने बनर्जी के प्रति कोई मोहभंग व्यक्त नहीं किया, लेकिन कहा कि उनके खिलाफ विद्रोह करने वाले अन्य नेताओं के अपने कारण होंगे।
TMC के भीतर व्यापक दरार
ये इस्तीफे तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक गहरी, व्यापक दरार के सूचक हैं, जिसे कई गिरफ्तारियों, त्यागपत्रों और विभिन्न पार्टी नेताओं से विद्रोहों द्वारा चिह्नित किया गया है। यह आंतरिक उथल-पुथल राज्य और संसदीय दोनों स्तरों पर पार्टी की चुनावी हार के बाद बढ़ी है। भाजपा ने इन घटनाक्रमों पर टिप्पणी की है, यह सुझाव देते हुए कि वे एक ऐसी पार्टी को दर्शाते हैं जिसने अपनी पकड़ खो दी है।
विधायी चुनौतियां और पार्टी नियंत्रण
यह संकट विधायी निकायों तक फैला हुआ है, जिसमें 58 असंतुष्ट TMC विधायकों का एक समूह एक प्रमुख विधायी समूह बना रहा है और 20 विद्रोही TMC सांसद राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय की मांग कर रहे हैं। इन घटनाओं ने वैधता और दलबदल विरोधी प्रावधानों पर कानूनी और राजनीतिक लड़ाइयों को जन्म दिया है। यह TMC के 28 साल के इतिहास में सबसे गहरा आंतरिक संकट है, जो विधायी विंग पर इसके नियंत्रण को चुनौती दे रहा है।
क्यों मायने रखता है
ज्योति प्रिया मल्लिक और गौतम देब जैसे प्रमुख नेताओं का इस्तीफा हाल के चुनावी नुकसान के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते आंतरिक संकट और असंतोष को उजागर करता है। यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में पार्टी की संगठनात्मक संरचना और प्रभाव को और कमजोर कर सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Resignation Date: June 19, 2026
- •Reason for Resignation: Severe health issues (high blood sugar, kidney ailments)
- •Other Resignation: Goutam Deb resigned as Siliguri Mayor
- •Mallick's Arrest: Arrested in October 2023 in alleged ration distribution scam
- •Mallick's Bail: Released on bail in January 2025 after 15 months
- •Mallick's Political Career: Five-time MLA, former Food & Supplies Minister (2011-2021), Forest Minister (2021-2024)
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