क्षत्रिय युवक संघ ने नारायण सिंह की 86वीं जयंती मनाई
क्षत्रिय युवक संघ (केवाईएस) ने पोकरण में अपने तीसरे प्रमुख नारायण सिंह रेड़ा की 86वीं जयंती मनाई। स्वयंसेवकों ने पुष्पांजलि अर्पित की और संगठन में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने उनके समर्पण और नेतृत्व पर प्रकाश डाला, इस बात पर जोर दिया कि कैसे उन्होंने तनसिंह के जीवनकाल में दस वर्षों से अधिक समय तक सांगठनिक भावना के साथ संघ को मजबूत किया। पोकरण के भग्यम छात्रावास में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में केवाईएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
AI सारांश
3 bulletsपोकरण में स्मरणोत्सव
श्री क्षत्रिय युवक संघ (केवाईएस) ने हाल ही में पोकरण में अपने तीसरे प्रमुख नारायण सिंह रेड़ा की 86वीं जयंती मनाई। यह कार्यक्रम भग्यम छात्रावास शाखा मैदान में हुआ, जहां कई स्वयंसेवक श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए।
एक समर्पित नेता को श्रद्धांजलि
क्षत्रिय युवक संघ के स्वयंसेवकों और सदस्यों ने नारायण सिंह रेड़ा को पुष्पांजलि अर्पित की, उनके महत्वपूर्ण योगदानों को याद किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन की प्रशंसा की, संगठन को मजबूत करने में उनके समर्पण और प्रयासों पर प्रकाश डाला।
नारायण सिंह की विरासत
प्रांत प्रमुख नरपत सिंह राजगढ़ ने नारायण सिंह रेड़ा की यात्रा के बारे में बात की, उनकी विनम्र शुरुआत और उनके परिवर्तन को रेखांकित किया। उन्होंने तनसिंह के कार्यकाल के दौरान दस वर्षों तक संघ प्रमुख के रूप में कार्य किया, संगठन के भीतर समुदाय की एक मजबूत भावना को बढ़ावा दिया।
व्यापक भागीदारी
स्मरणोत्सव कार्यक्रम में भग्यम संस्कार और करणी छात्रावास सहित विभिन्न शाखाओं से बड़ी संख्या में केवाईएस स्वयंसेवकों की भागीदारी देखी गई। खंगार सिंह झटोरा, शिशपाल सिंह लूणा और जालम सिंह छायण जैसे गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिन्होंने श्रद्धांजलि में भाग लिया।
क्यों मायने रखता है
नारायण सिंह रेड़ा के योगदान ने क्षत्रिय युवक संघ को आकार दिया, जिससे उनकी जयंती संगठन और उसके सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण स्मरणोत्सव बन गई।
मुख्य तथ्य
- •Event: 86th birth anniversary of Narayan Singh Reda
- •Organization: Shri Kshatriya Yuvak Sangh
- •Location: Bhagyam Hostel branch ground, Pokhran
- •Key Speaker: Narpat Singh Rajgarh (Prant Pramukh)
- •Duration as Sangh Chief: 10 years (during Tansingh's lifetime)
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