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TMC कोषाध्यक्ष ने बैंक से पार्टी खाते फ्रीज करने को कहा, आंतरिक कलह जारी

Briovo· 18 Jun 2026, 11:01 am IST
TMC कोषाध्यक्ष ने बैंक से पार्टी खाते फ्रीज करने को कहा, आंतरिक कलह जारी

TMC कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने पार्टी के मुख्य बैंक को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस के सभी खातों को तुरंत फ्रीज करने और वित्तीय लेन-देन रोकने का अनुरोध किया है। बिस्वास का दावा है कि कई सांसदों के इस्तीफे और विधायकों की खुली बगावत के बाद संगठन और धन पर नियंत्रण को लेकर आंतरिक सत्ता संघर्ष छिड़ गया है। ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले बिस्वास के इस अप्रत्याशित कदम से पार्टी के भीतर गहरे आंतरिक मतभेद का संकेत मिलता है। पार्टी नेतृत्व ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है।

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कोषाध्यक्ष का अप्रत्याशित कदम

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने पार्टी के मुख्य खाते जहां संचालित होते हैं, उस बैंक को एक गोपनीय पत्र लिखा है। इस पत्र में, बिस्वास ने टीएमसी के सभी बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करने और सभी वित्तीय लेन-देन पर पूर्ण रोक लगाने की तत्काल अपील की है। एक प्रमुख पार्टी पदाधिकारी द्वारा उठाए गए इस अप्रत्याशित कदम ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

आंतरिक कलह के दावे

सूत्रों के अनुसार, बिस्वास के पत्र में पार्टी के भीतर चल रहे गंभीर संकट और उथल-पुथल का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। उन्होंने दावा किया है कि कई मौजूदा टीएमसी सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है, और विधायकों के एक बड़े धड़े ने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। पत्र में विशेष रूप से टीएमसी की संगठनात्मक संरचना और उसके वित्तीय संसाधनों के नियंत्रण को लेकर चल रहे तीव्र आंतरिक विवाद पर प्रकाश डाला गया है, जिससे पार्टी के धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए खातों को तुरंत बंद करना आवश्यक हो गया है।

ममता के सिपहसालार ने गरमाया विवाद

अरूप बिस्वास को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक करीबी और भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता है। अपनी ही पार्टी के खातों को फ्रीज करने की उनकी मांग को अत्यधिक अप्रत्याशित माना जा रहा है और यह स्पष्ट संकेत है कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। यह आंतरिक संघर्ष अब सार्वजनिक बयानबाजी से परे, पार्टी के वित्तीय मूल तक पहुंच गया है, जिससे भारी राजनीतिक दबाव उत्पन्न हो गया है।

राजनीतिक प्रभाव और चुप्पी

इस अचानक कदम ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव को काफी बढ़ा दिया है, विपक्षी दलों ने ममता सरकार की आलोचना करने का अवसर भुनाया है। स्थिति की गंभीरता के बावजूद, टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व या किसी वरिष्ठ प्रवक्ता की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह चुप्पी सत्तारूढ़ दल को परेशान करने वाले आंतरिक संकट की गहराई के बारे में अटकलों को और हवा देती है।

क्यों मायने रखता है

टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता द्वारा आंतरिक संघर्ष के आरोपों के कारण पार्टी खातों को फ्रीज करने का कदम एक प्रमुख भारतीय राजनीतिक दल के भीतर महत्वपूर्ण अस्थिरता को उजागर करता है, जिससे महत्वपूर्ण चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में इसके वित्तीय संचालन और राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Official Request: TMC Treasurer Aroop Biswas requested the bank to freeze all party accounts.
  • Reason Cited: Internal war over control of the organization and funds.
  • Internal Conflict: MPs have resigned, and MLAs are in open rebellion against top leadership.
  • Political Impact: Move has escalated political tensions in West Bengal.
  • Leadership Silence: No official statement from TMC leadership yet.

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