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सबरीमाला सोना गायब: केरल HC ने SIT को अंतिम जांच रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा दी

Briovo· 19 Jun 2026, 02:03 am IST
सबरीमाला सोना गायब: केरल HC ने SIT को अंतिम जांच रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा दी

केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला मंदिर से कथित सोना गायब होने के मामलों में विशेष जांच दल (SIT) को 29 जून तक एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट ने जोर दिया कि जांच में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोप पत्र दाखिल करने की स्पष्ट समय-सीमा मांगी। SIT 2025 में द्वारपालक मूर्तियों और प्लेटों को हटाने तथा उनके परिवहन में शामिल व्यक्तियों और त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। यह निर्णय जांच में लगातार हो रही देरी के बाद आया है। कोर्ट ने कहा कि संलिप्तता के पर्याप्त सबूत पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं।

AI सारांश

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हाईकोर्ट ने नई समय सीमा तय की

केरल हाईकोर्ट ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को कड़ा निर्देश जारी करते हुए उन्हें 29 जून तक एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सबरीमाला मंदिर से कथित सोना गायब होने की चल रही जांच को और लंबा नहीं खींचा जा सकता और इसे निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचाना आवश्यक है। इस आदेश का उद्देश्य जांच में तेजी लाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

रिपोर्ट में आवश्यक विवरण

कोर्ट ने एसआईटी को 2025 में द्वारपालक मूर्तियों और सोने की परत चढ़ी वस्तुओं को हटाने और परिवहन में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका का विस्तृत विवरण देने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों, विशेषकर त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के अधिकारियों की भूमिका को स्पष्ट रूप से रेखांकित करना होगा। प्रस्तुतीकरण का एक महत्वपूर्ण घटक संबंधित अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए एक सटीक समय-सीमा है, जिससे कोई और अस्पष्टता न रहे।

चल रही जांच का दायरा

एसआईटी ने कोर्ट को सूचित किया कि उसकी जांच वर्तमान में एक व्यापक आपराधिक साजिश और कथित सोना गायब होने से संबंधित व्यापक परिस्थितियों पर केंद्रित है। वे त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के कुछ अधिकारियों की संलिप्तता की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं, जिन्होंने प्रश्नगत अवधि के दौरान सबरीमाला मंदिर में महत्वपूर्ण पद संभाले थे। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या ये अधिकारी मूर्तियों को सोने की परत चढ़ाने के लिए चेन्नई भेजने के निर्णय में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।

सबूत और न्यायिक जांच

कोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला की रिपोर्टों के आधार पर जांच का प्राथमिक ध्यान 2025 में द्वारपालक मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने से संबंधित लेनदेन पर बना हुआ है। इसमें बताया गया है कि जब्त किए गए दस्तावेजों से सन्निधानम से मूर्तियों को हटाने से संबंधित घटनाओं का क्रम स्पष्ट रूप से सामने आता है। जांच अधिकारी ने यह भी संकेत दिया है कि आरोपियों की संलिप्तता का समर्थन करने वाले पर्याप्त सबूत पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं, जिससे अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती मिली है।

क्यों मायने रखता है

यह मामला एक प्रमुख मंदिर से कथित तौर पर सोने के गायब होने से संबंधित है, जो जवाबदेही और धार्मिक बंदोबस्तों के उचित प्रबंधन पर सवाल उठाता है। हाईकोर्ट का हस्तक्षेप सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए त्वरित और पारदर्शी जांच की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

मुख्य तथ्य

  • Court Order Deadline: June 29
  • Investigation Subject: Alleged gold loss from Sabarimala temple
  • Items Involved: द्वारपालक statues and gold-plated items
  • Year of Incident: 2025
  • Investigating Authority: Special Investigation Team (SIT)

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