विधायक जयकृष्ण पटेल फर्जी डिग्री मामले में घेरे में

बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल एक बार फिर जांच के घेरे में हैं। एसओजी की जांच में पता चला है कि उन्होंने उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई के दौरान अंग्रेजी में तीन बार फेल होने के बावजूद सरकारी अंग्रेजी शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। आरोप है कि उन्होंने सिक्किम से एक विशेष योग्यता पाठ्यक्रम प्रमाण पत्र का उपयोग करके शिक्षण पद प्राप्त किया। एसओजी उनकी विभिन्न विश्वविद्यालयों से ली गई कई डिग्रियों की प्रामाणिकता और अतिव्यापी अध्ययन अवधियों की जांच कर रही है, साथ ही शिक्षण पद के लिए उच्च अंकों वाली डिग्री का उपयोग करने की संभावना की भी पड़ताल कर रही है। पटेल, जिन्होंने पहले राजनीति में आने से पहले इस्तीफा दे दिया था, उन पर रिश्वत के आरोप भी लगे थे और वे तीन महीने जेल में रहे थे।
विधायक पर फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने का आरोप
बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल एक नए विवाद में घिर गए हैं, जब विशेष अभियान समूह (एसओजी) की जांच में सामने आया कि उन्होंने स्नातक की पढ़ाई के दौरान अंग्रेजी विषय में तीन बार फेल होने के बावजूद कथित तौर पर सरकारी अंग्रेजी शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। एसओजी उनकी शैक्षणिक योग्यताओं की प्रामाणिकता और उन्होंने यह शिक्षण पद कैसे प्राप्त किया, इसकी जांच कर रही है।
एसओजी द्वारा डिग्री में अनियमितताएं उजागर
अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, पटेल ने उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में पढ़ाई की थी, जहां वे अंग्रेजी में तीन बार फेल हुए। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर सिक्किम से अंग्रेजी में एक विशेष योग्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किया और उसका उपयोग शिक्षक बनने के लिए किया। एसओजी उनकी नियुक्ति के लिए उपयोग किए गए दस्तावेज़ों और शैक्षिक प्रमाण-पत्रों में संभावित गंभीर अनियमितताओं की जांच कर रही है।
कई डिग्रियां और चुनावी हलफनामा जांच के दायरे में
एसओजी की जांच में यह भी सामने आया है कि पटेल ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए गुजरात और सिक्किम के विभिन्न विश्वविद्यालयों से कई स्नातक डिग्रियां प्राप्त करने का दावा किया था। इन अतिव्यापी अध्ययन अवधियों से उनकी डिग्रियों की प्रामाणिकता पर संदेह पैदा होता है। उनके चुनावी हलफनामे, जिनमें इन डिग्रियों का उल्लेख है, उनकी भी जांच की जा रही है।
विवादों का इतिहास और इस्तीफा
सूत्रों के अनुसार, पटेल ने अपनी कथित फर्जी डिग्री के सामने आने के डर से राजनीति में आने से पहले अपने शिक्षण पद से इस्तीफा दे दिया था। यह विवादों से उनका पहला सामना नहीं है; उन्हें पहले रिश्वत के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वे लगभग तीन महीने जेल में रहे थे। एसओजी ने फर्जी डिग्री और अनियमित नियुक्ति के मौजूदा आरोपों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में संभावित प्रणालीगत विफलताओं को उजागर करता है, जिससे सार्वजनिक सेवा नियुक्तियों और चुनावी उम्मीदवारी की सत्यनिष्ठा के बारे में चिंताएं बढ़ जाती हैं। यह शैक्षणिक डिग्रियों के कठोर सत्यापन की आवश्यकता पर जोर देता है, खासकर जन प्रतिनिधियों के लिए।
मुख्य तथ्य
- •MLA Name: Jaikrishn Patel
- •Constituency: Bagidora
- •Allegation: Became English teacher despite failing English thrice
- •University (Failed English): Mohanlal Sukhadia University, Udaipur
- •Alleged Source of Teacher Eligibility: Special qualification course from Sikkim
- •Previous Controversy: Arrested in a bribery case, jailed for 3 months
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