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मुंबई बुलेट ट्रेन टनलिंग का काम औपचारिक लॉन्च टलने के बावजूद शुरू

Briovo· 05 Jul 2026, 06:54 am IST
मुंबई बुलेट ट्रेन टनलिंग का काम औपचारिक लॉन्च टलने के बावजूद शुरू

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए सुरंग-बोरिंग कार्य को रेलवे मंत्रालय ने तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया है, हालांकि मुंबई में भारी बारिश के कारण औपचारिक लॉन्च स्थगित कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 5 जुलाई, 2026 को औपचारिक उद्घाटन की योजना थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे टाल दिया गया। दो जर्मन-निर्मित टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण करेंगी, जिसमें 7 किलोमीटर का समुद्री खंड भी शामिल है, जो इस परियोजना के लिए टीबीएम का पहला उपयोग है। इस निर्णय का उद्देश्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना में किसी भी további देरी से बचना है।

AI सारांश

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औपचारिक लॉन्च स्थगित

बुलेट ट्रेन के सुरंग-बोरिंग कार्य का औपचारिक उद्घाटन, जो शुरू में 5 जुलाई, 2026 को निर्धारित था, रेलवे मंत्रालय द्वारा स्थगित कर दिया गया। यह निर्णय मुंबई में भारी बारिश और आईएमडी द्वारा जारी 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट के कारण लिया गया।

तत्काल कार्य शुरू करने का आदेश

औपचारिक लॉन्च स्थगित होने के बावजूद, रेलवे मंत्रालय ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को तत्काल सुरंग का काम शुरू करने का निर्देश दिया है। इस निर्देश का उद्देश्य महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में किसी भी देरी को रोकना है, ताकि महत्वपूर्ण निर्माण चरण बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।

उन्नत टनलिंग तकनीक

यह परियोजना दो अनुकूलित जर्मन-निर्मित टनल बोरिंग मशीनों (टीबीएम) का उपयोग करेगी, जो भारत में तैनात सबसे बड़ी और सबसे महंगी भारी मशीनों में से हैं। ये टीबीएम, जिनका कटर-हेड व्यास 13.6 मीटर है, जमीन से लगभग 65 मीटर नीचे 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग का उत्खनन करेंगी, जिसमें 7 किलोमीटर का समुद्री खंड भी शामिल है।

निर्माण और मार्ग विवरण

20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्टेशन से शिलफाटा तक फैली हुई है। टीबीएम बीकेसी और सावली के बीच 15.4 किलोमीटर की खुदाई करेंगे, जबकि सावली से शिलफाटा तक शेष 4.8 किलोमीटर ड्रिल-एंड-ब्लास्ट विधि का उपयोग करके पहले ही पूरा कर लिया गया है। सुरंग एक सिंगल-ट्यूब मार्ग होगी जिसमें द्वि-दिशात्मक यातायात के लिए दोहरी पटरियां होंगी।

परियोजना का प्रभाव और महत्व

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, 508 किमी तक फैली हुई है और इसका उद्देश्य महाराष्ट्र और गुजरात के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इस जटिल टनलिंग चरण का सफल और समय पर पूरा होना इस महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचे के विकास की समग्र प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है, जो अंतर-राज्यीय यात्रा में क्रांति लाने का वादा करता है।

क्यों मायने रखता है

यह विकास भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की समय पर प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे मौसम की स्थिति के कारण होने वाली संभावित देरी कम होगी और हाई-स्पीड रेल बुनियादी ढांचे का निरंतर विकास सुनिश्चित होगा।

मुख्य तथ्य

  • Project: Mumbai-Ahmedabad Bullet Train
  • Tunnel Length: 20.37 km (including 7 km undersea)
  • Machinery Used: Two German-made Tunnel Boring Machines (TBMs)
  • Formal Launch Postponed: July 5, 2026, due to Mumbai rains
  • Work Commencement: Immediate, despite postponed launch

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