ब्यावर अस्पताल: स्ट्रेचर न मिलने पर बेड सहित उठाई गई प्रसूता
राजस्थान के ब्यावर में राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर एक प्रसूता को अजमेर रेफर किया गया। अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध न होने के कारण परिजनों को करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद वे प्रसूता को बेड सहित वार्ड से एम्बुलेंस तक लाए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं को उजागर किया है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा देवड़ा ने कहा कि जच्चा-बच्चा ठीक थे, बाद में तबीयत बिगड़ने पर रेफर किया गया, उन्हें स्ट्रेचर की कमी की जानकारी नहीं थी।
AI सारांश
3 bulletsमरीज की बिगड़ती हालत
मसूदा रोड निवासी अंजलि को प्रसव पीड़ा के चलते ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उन्हें आगे के इलाज के लिए अजमेर रेफर करने का फैसला किया।
स्ट्रेचर की कमी व परिजनों की परेशानी
रेफरल के बाद, अंजलि के परिजनों ने उसे वार्ड से एम्बुलेंस तक ले जाने के लिए लगभग 30 मिनट तक स्ट्रेचर का इंतजार किया। लंबे इंतजार और मरीज की बिगड़ती हालत के बावजूद कोई स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरन, परेशान परिजनों को उसे बेड सहित मदर चाइल्ड विंग के मुख्य द्वार तक लाना पड़ा ताकि उसे एम्बुलेंस में ले जाया जा सके।
जनता का आक्रोश और अस्पताल का जवाब
इस घटना ने मरीज के परिवार और अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों में गुस्सा भर दिया, जिन्होंने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कर्मचारियों पर अंजलि की बिगड़ती सेहत के बारे में उनकी विनतियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा देवड़ा ने कहा कि उन्हें स्ट्रेचर की समस्या की जानकारी नहीं थी, उन्होंने बताया कि सिजेरियन के बाद मां और बच्चा दोनों शुरुआत में ठीक थे, लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ने के कारण ड्यूटी डॉक्टर ने मरीज को रेफर कर दिया था।
सरकारी अस्पतालों में जारी समस्याएँ
यह घटना राजस्थान भर के सरकारी अस्पतालों में जारी प्रणालीगत मुद्दों को रेखांकित करती है। पिछली घटनाओं के बाद चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के सुविधाओं में सुधार के हालिया आश्वासनों के बावजूद, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान चुनौतियों का सामना करना जारी रखे हुए हैं। स्ट्रेचर जैसे बुनियादी उपकरणों की कमी रोगी देखभाल और परिचालन दक्षता में एक महत्वपूर्ण कमी को उजागर करती है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण की कमियों को उजागर करती है, जिससे रोगियों की सुरक्षा और सिस्टम में विश्वास खतरे में पड़ सकता है। ऐसी घटनाएं बेहतर संसाधन प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
मुख्य तथ्य
- •Incident Date: June 17, 2026
- •Hospital: Rajkiya Amritkaur District Hospital, Beawar
- •Patient Condition: Deteriorated post-operation, referred to Ajmer
- •Delay in Stretcher: Approx. 30 minutes
- •Hospital Official Acknowledgment: Dr. Asha Devda, Gynecologist, unaware of stretcher issue
- •Location: Beawar, Rajasthan
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…