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केरल का ऋण ₹5.07 लाख करोड़, व्हाइट पेपर ने उजागर की वित्तीय संकट की स्थिति

Briovo· 04 Jun 2026
केरल का ऋण ₹5.07 लाख करोड़, व्हाइट पेपर ने उजागर की वित्तीय संकट की स्थिति

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने विधानसभा में एक श्वेत पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें राज्य का ऋण ₹5.07 लाख करोड़ बताया गया है। रिपोर्ट में कुल राजस्व प्राप्तियों का 77% प्रतिबद्ध व्यय, 20.9% ब्याज भुगतान, और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का मात्र 1.3% पूंजीगत व्यय दर्शाया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) का संचित घाटा 2021-22 में ₹31,571 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹78,851 करोड़ हो गया। केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) पर ₹21,000 करोड़ का ऋण है और ₹35,000 करोड़ की परियोजनाएं अधूरी हैं, जिसने सत्तारूढ़ यूडीएफ और विपक्षी एलडीएफ के बीच राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।

क्यों मायने रखता है

यह रिपोर्ट राज्य की वित्तीय स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जो जीएस3 पाठ्यक्रम (भारतीय अर्थव्यवस्था) का एक प्रमुख पहलू है। एसएससी उम्मीदवारों के लिए, यह राज्य-स्तरीय वित्तीय प्रबंधन, ऋण और विकास पर इसके प्रभाव का एक केस स्टडी प्रदान करता है।

मुख्य तथ्य

  • Total Debt: ₹5.07 lakh crore
  • Committed Expenditure (as % of TRR): 77%
  • Interest Payments (as % of TRR): 20.9%
  • Capital Expenditure (as % of GSDP): 1.3%
  • PSU Accumulated Losses (2024-25): ₹78,851 crore
  • KIIFB Loan Liability: ₹21,000 crore

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