फतेहगढ़ में चारागाह विकास प्रशिक्षण आयोजित
जैसलमेर के फतेहगढ़ खंड में बंजर भूमि और चारागाह विकास पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह बंजर भूमि और चारागाह विकास बोर्ड, एफईएस, आईटीसी मिशन सुनहरा कल और जैसलमेर जिला परिषद की एक संयुक्त पहल थी। कार्यक्रम का उद्देश्य 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, चारागाहों का संरक्षण, बंजर भूमि का पुनरुद्धार और सार्वजनिक भागीदारी के साथ प्राकृतिक संसाधनों का सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना था। चर्चाओं में पौधारोपण तकनीक, अभिलेखों का रखरखाव, अतिक्रमण की रोकथाम और चारागाह विकास समितियों को मजबूत करना शामिल था ताकि चारे की उपलब्धता में सुधार हो और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का समाधान किया जा सके।
AI सारांश
3 bulletsसतत भूमि उपयोग हेतु प्रशिक्षण
जैसलमेर की फतेहगढ़ पंचायत समिति सभागार में एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय प्रशिक्षण और बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने बंजर भूमि और चारागाहों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए विभिन्न संगठनों को एक साथ लाया, जिसका उद्देश्य भूमि प्रबंधन के लिए अधिक टिकाऊ दृष्टिकोण अपनाना है।
संयुक्त पहल और मुख्य उद्देश्य
यह प्रशिक्षण बंजर भूमि और चारागाह विकास बोर्ड, फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES), आईटीसी मिशन सुनहरा कल और जैसलमेर जिला परिषद का एक सहयोगात्मक प्रयास था। इसके प्राथमिक लक्ष्यों में 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, चारागाहों का संरक्षण, बंजर क्षेत्रों का पुनरुद्धार और सतत संसाधन प्रबंधन में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना शामिल था।
विस्तृत चर्चा के विषय
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विषयों में वैज्ञानिक पौधारोपण विधियाँ, पौधों के जीवित रहने को सुनिश्चित करना, संपत्ति रजिस्टर (GP-4) का रखरखाव और चारागाहों का विकास और संरक्षण शामिल थे। चारागाहों के अभिलेखों के रखरखाव, VB-GRAM के माध्यम से अतिक्रमण की रोकथाम और चारागाह विकास समितियों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
मंत्रिस्तरीय निरीक्षण और व्यापक प्रभाव
राजस्थान के पंचायती राज विभाग मंत्री मदन दिलावर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर के अधिकारियों के साथ जुड़कर चारागाह विकास और अतिक्रमण पर चर्चा की। कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन, भूमि कटाव की रोकथाम, पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उपस्थित प्रमुख अधिकारी
प्रशिक्षण विकास अधिकारी ऋषि राज मीणा, अतिरिक्त विकास अधिकारी, और एफईएस के प्रतिनिधियों मघाराम कडेला और अशोक कुमार द्वारा प्रदान किया गया। फतेहगढ़ पंचायत समिति के प्रशासक, एईएन, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, कनिष्ठ लिपिक और मेट सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी महत्वपूर्ण चर्चाओं में भाग लेने के लिए उपस्थित थे।
क्यों मायने रखता है
यह प्रशिक्षण क्षेत्र के पशुधन और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण, टिकाऊ भूमि प्रबंधन और चारे की उपलब्धता पर केंद्रित है।
मुख्य तथ्य
- •Location: Fatehgarh Panchayat Samiti, Jaisalmer, Rajasthan
- •Organizers: Barren Land & Pasture Development Board, FES, ITC Mission Sunehra Kal, Jaisalmer Zila Parishad
- •Campaign: Hariyalo Rajasthan
- •Minister's Involvement: Panchayati Raj Minister Madan Dilawar (via VC)
- •Key Focus: Pasture development, barren land revival, afforestation, fodder availability
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