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कांग्रेस ने NTA टास्क फोर्स पर साधा निशाना

Briovo· 26 Jul 2026, 09:34 pm IST
कांग्रेस ने NTA टास्क फोर्स पर साधा निशाना

कांग्रेस पार्टी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं में सुधार के लिए सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स की आलोचना की है, इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "दागदार छवि" को सुधारने का प्रयास बताया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पिछली समितियों की सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हुई थीं। इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में यह टास्क फोर्स NTA परीक्षाओं में तकनीकी सुधार और पारदर्शिता लाने का लक्ष्य रखती है। रमेश ने जून 2024 में एक समिति के गठन के बावजूद जुलाई 2026 में परीक्षा अनियमितताओं के फिर से सामने आने पर प्रकाश डाला।

AI सारांश

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नई टास्क फोर्स का गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं में समस्याओं को हल करने के लिए एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। यह पहल बार-बार हो रही परीक्षा अनियमितताओं के मद्देनजर की गई है और इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार और अधिक पारदर्शिता लाना है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे।

कांग्रेस ने पहल की आलोचना की

कांग्रेस पार्टी ने अपने नेता जयराम रमेश के माध्यम से सरकार के इस कदम कीL कड़ी आलोचना की, इसे प्रधानमंत्री मोदी की "दागदार छवि" को सुधारने का प्रयास बताया। रमेश ने नई समितियां बनाने की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया, जब पिछली समितियों, जैसे कि डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को कथित तौर पर पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। उन्होंने पहले के सुधार प्रयासों के बावजूद परीक्षा संबंधी समस्याओं के दोबारा होने पर प्रकाश डाला।

पिछली समितियां और सिफारिशें

जयराम रमेश ने विशेष रूप से डॉ. के. राधाकृष्णन समिति का उल्लेख किया, जिसका गठन जून 2024 में NEET-UG सहित अनियमितताओं के बाद परीक्षाओं के पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समिति की 101 सिफारिशों को सरकार द्वारा अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। बार-बार सामने आने वाले ये मुद्दे परीक्षा सुधारों के प्रति सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हैं।

टास्क फोर्स के प्रमुख सदस्य

नवगठित टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के कई प्रमुख विशेषज्ञ शामिल हैं। नंदन नीलेकणि के साथ-साथ, प्रमुख सदस्यों में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, आईबी के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और रसद विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। इस विविध संरचना का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए व्यापक अंतर्दृष्टि प्रदान करना है।

जनादेश और भविष्य की संभावनाएं

टास्क फोर्स को परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और मौलिक बदलावों का सुझाव देने का जनादेश दिया गया है। इसका ध्यान NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बढ़ाने पर होगा। पीएम मोदी के इंस्टाग्राम के माध्यम से सरकार की घोषणा परीक्षा अनियमितताओं पर सार्वजनिक आक्रोश को संबोधित करने के एक मजबूत इरादे का सुझाव देती है, हालांकि कांग्रेस इस नई समिति के पीछे के वास्तविक इरादों के बारे में संदेह में है।

क्यों मायने रखता है

भारत की परीक्षा प्रणाली की अखंडता लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। बार-बार होने वाली अनियमितताएं और सुधारों को लागू करने में कथित देरी से जनता का विश्वास कम होता है और करियर की संभावनाओं पर असर पड़ता है, जो प्रभावी और स्थायी समाधानों की आवश्यकता को उजागर करता है।

मुख्य तथ्य

  • Task Force Head: Nandan Nilekani (Infosys co-founder)
  • Task Force Aim: Technical improvements and transparency in NTA exams
  • Congress Leader's Statement: Jairam Ramesh criticized it as an image-building exercise.
  • Previous Committee: Dr. K. Radhakrishnan committee (formed June 2024)
  • Alleged Non-implementation: 101 recommendations of the Radhakrishnan committee not fully implemented
  • Period of Irregularities: June 2024 and July 2026 (NTA exams)

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