राजस्थान में सूखे जैसे हालात: 23 जिलों में पानी की कमी
राजस्थान में मानसून के आधे सीजन (जून-जुलाई) में सामान्य से 11% कम बारिश हुई है, जिससे 23 जिलों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जवाई और बीसलपुर जैसे प्रमुख बांधों में पानी बढ़ने के बजाय कम हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त और सितंबर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है, जिसमें अगस्त के दूसरे सप्ताह से पश्चिमी राजस्थान में साफ मौसम रहने की उम्मीद है। प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति और हिंद महासागर में एक तटस्थ इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) ने मानसून को कमजोर कर दिया है। अगर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो जयपुर, अजमेर और पाली में पीने के पानी और सिंचाई का संकट गहरा सकता है।
AI सारांश
3 bulletsबारिश में व्यापक कमी
31 जुलाई तक, राजस्थान में वर्तमान मानसून सीजन के दौरान सामान्य से 11% कम बारिश हुई है। इस कमी के कारण राज्य के 33 में से 23 जिलों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। लंबे समय तक सूखे की स्थिति से कृषि उत्पादन और आबादी के लिए पानी की उपलब्धता पर चिंताएं बढ़ गई हैं।
बांधों में घटता जलस्तर
मानसून के दौरान उम्मीदों के विपरीत, जवाई और बीसलपुर जैसे प्रमुख जलाशयों में जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। जवाई बांध का जलस्तर 10.12 आरएलएम से गिरकर 9.27 आरएलएम हो गया, जबकि बीसलपुर बांध में 313.64 आरएलएम से 313.58 आरएलएम की कमी देखी गई। भंडारण क्षमता में यह कमी भविष्य की जल आपूर्ति के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है।
कमजोर मानसून के कारण
वरिष्ठ वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा के अनुसार, कमजोर मानसून का कारण प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति और एक तटस्थ इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) को बताया जा सकता है। इन जलवायु घटनाओं के कारण बंगाल की खाड़ी में कम और कमजोर निम्न दबाव प्रणाली बनी हैं, जो उत्तर-मध्य और पश्चिमी भारत में वर्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अगस्त-सितंबर के लिए निराशाजनक अनुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त और सितंबर दोनों में राजस्थान में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जारी किया है। शुष्क परिस्थितियों की यह निरंतरता बताती है कि राज्य को अपने जल संसाधनों की भरपाई में और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में अगस्त के दूसरे सप्ताह से अधिकतर साफ मौसम रहने की उम्मीद है।
संभावित जल संकट
चल रही बारिश की कमी और बांधों के घटते जलस्तर से पीने के पानी और सिंचाई का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। यदि अगस्त और सितंबर में पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो जयपुर, अजमेर और पाली जैसे जिलों को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति जल संरक्षण और प्रबंधन रणनीतियों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।
क्यों मायने रखता है
राजस्थान के 23 जिलों में सूखे जैसी स्थिति, प्रमुख बांधों में घटते जलस्तर और लगातार कम बारिश के अनुमान से पीने के पानी और सिंचाई का गंभीर संकट पैदा हो सकता है, जिससे लाखों लोग प्रभावित होंगे।
मुख्य तथ्य
- •Monsoon Rainfall Deficit (Rajasthan): 11% less than normal (as of July 31)
- •Districts with Drought-like…: 23
- •Jawai Dam Water Level (July 1 vs…: Decreased from 10.12 RLM to 9.27 RLM
- •Bisalpur Dam Water Level (July 1 vs…: Decreased from 313.64 RLM to 313.58 RLM
- •August: Below normal
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