टीएमसी में अंदरूनी कलह, 58 विधायक बागी; 20 सांसद NDA को दे सकते हैं समर्थन

पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गंभीर आंतरिक संकट से जूझ रही है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 58 बागी विधायकों ने राज्य विधानसभा में एक विपक्षी गुट बना लिया है। इसके अतिरिक्त, बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार, जिन्होंने पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया था, ने दावा किया है कि लगभग 20 सांसद उनके समूह का समर्थन कर रहे हैं और वे एनडीए को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। यह संकट टीएमसी-कांग्रेस विलय की अटकलों और अभिषेक बनर्जी से सीआईडी द्वारा पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बीच आया है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने विलय की अटकलों को खारिज किया है।
क्यों मायने रखता है
टीएमसी जैसे एक प्रमुख क्षेत्रीय दल के भीतर यह आंतरिक संकट आगामी चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल और व्यापक INDIA ब्लॉक के राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है। यह गठबंधन की राजनीति और पार्टी के सामंजस्य की चुनौतियों को उजागर करता है। यूपीएससी उम्मीदवारों को पार्टी विभाजन और राज्य तथा राष्ट्रीय राजनीति के लिए उनके निहितार्थों पर ध्यान देना चाहिए (जीएस-II: राजव्यवस्था और शासन)।
मुख्य तथ्य
- •Number of dissident TMC MLAs: 58
- •Leader of dissident MLAs: Ritabrata Banerjee
- •MP claiming support for NDA: Kakoli Ghosh Dastidar
- •Number of MPs supporting Kakoli Ghosh Dastidar: Nearly 20
- •Duration of Abhishek Banerjee's CID questioning: 5.5 hours
- •Date of latest update: June 12, 2026
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