अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट दान विवाद से 'हैरान', प्रमुख अधिकारियों का इस्तीफा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर के दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त किया है। विवाद के बाद महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। गबन के संबंध में आठ व्यक्तियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ट्रस्ट ने भक्तों को आश्वस्त किया है कि चांदी की ईंटें और गहने जैसे चढ़ावे सुरक्षित और दर्ज हैं, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय करने का वादा किया है। धोखाधड़ी के सटीक तरीके का पता लगाने के लिए जांच जारी है, जिसमें कथित तौर पर चंपत राय के पूर्व ड्राइवर शामिल थे।
AI सारांश
3 bulletsट्रस्ट ने जताया सदमा, भक्तो को दिया आश्वासन
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर अपना सदमा, दुख और गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए एक प्रेस बयान जारी किया। ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और भक्तों को आश्वासन दिया कि चांदी की ईंटें और गहने जैसे सभी व्यक्तिगत चढ़ावे सुरक्षित और पूरी तरह से दर्ज हैं।
प्रमुख इस्तीफों की पुष्टि
विवाद के बीच, ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त होने की पुष्टि की। ट्रस्ट ने कहा कि वह अपनी आगामी बैठक में इन इस्तीफों पर विचार करेगा, जो उन्हें स्वीकार या अस्वीकार करने की औपचारिक प्रक्रिया का संकेत देता है।
आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए
अयोध्या की एक अदालत ने राम मंदिर दान के कथित गबन के संबंध में आठ व्यक्तियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद स्थानीय अदालत में पेश किया गया था और आगे की कार्यवाही के लिए फिर से प्रस्तुत किया जाएगा।
अनियमितताएं और बरामदगी
कथित अनियमितताओं में कथित तौर पर चंपत राय के पूर्व ड्राइवर, रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल थे, जिसकी कई दान पेटियों तक पहुंच थी। आरोपियों से कुल ₹79,85,493 बरामद किए गए, हालांकि एक व्यक्ति, सुभाष, साजिश में शामिल था लेकिन उससे कोई बरामदगी नहीं हुई।
एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा, आरएसएस और वीएचपी इस प्रकरण के लिए जिम्मेदार हैं और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
क्यों मायने रखता है
राम मंदिर दान मामले में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण इस्तीफे और गिरफ्तारियां हुई हैं, जिससे ट्रस्ट की अखंडता और भक्तो के योगदान की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह घटना एक अत्यधिक सम्मानित राष्ट्रीय परियोजना पर सवाल उठाती है।
मुख्य तथ्य
- •Officials Resigned: Champat Rai (General Secretary) and Anil Mishra (Trustee)
- •Accused in Custody: Eight individuals sent to judicial custody till June 29
- •Recovered Amount: ₹79,85,493 recovered from accused (except one)
- •Key Suspect: Ramashankar Yadav alias Tinnu Yadav, former driver of Champat Rai
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