राजस्थान हाईकोर्ट का पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने पांचना बांध से कमांड एरिया की नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने पर नाराज़गी व्यक्त की है। 2020 और अप्रैल-मई 2023 के पूर्व आदेशों के बावजूद, 2006 से 35 गाँवों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला है। कोर्ट ने अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर पानी छोड़ने का निर्देश दिया है, ऐसा न करने पर 27 जुलाई को करौली कलेक्टर और संबंधित अधिशासी अभियंता को स्पष्टीकरण देने के लिए कोर्ट में पेश होना होगा। यह विवाद करौली और सवाई माधोपुर जिलों के 74 गाँवों के बीच चल रहा है, और स्थानीय विरोध को देरी का कारण बताया गया है।
AI सारांश
3 bulletsहाईकोर्ट का सीधा निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने पांचना बांध के कमांड एरिया की नहरों में तीन सप्ताह के भीतर पानी छोड़ने का आदेश दिया है। यह निर्देश पानी वितरण से संबंधित पूर्व अदालती आदेशों का लगातार पालन न होने के बाद आया है। कोर्ट ने इसमें हो रही ढिलाई पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए मामले की गंभीरता पर ज़ोर दिया है।
जवाबदेही की चेतावनी
यदि आदेशानुसार पानी नहीं छोड़ा जाता है, तो करौली ज़िला कलेक्टर और संबंधित अधिशासी अभियंता को 27 जुलाई को कोर्ट में पेश होना होगा। उन्हें आदेश का पालन न करने के लिए स्पष्टीकरण देना होगा। यह कार्रवाई कोर्ट के अपने आदेशों का पालन न करने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने के इरादे को दर्शाती है।
किसानों के लिए पानी की निरंतर कमी
2006 से, कमांड एरिया के 35 गाँवों के किसान पांचना बांध से सिंचाई के पानी से वंचित हैं। इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे ने कृषि गतिविधियों और आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। 2020 और 2023 की शुरुआत में बार-बार न्यायिक हस्तक्षेप के बावजूद, स्थिति अनसुलझी बनी हुई है, जो एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है।
अंतर-ग्रामीण विवाद की जड़
पांचना बांध विवाद का मूल करौली और सवाई माधोपुर के 74 गाँवों के बीच पानी के बँटवारे को लेकर बीस साल पुराना संघर्ष है। बांध के पास के गाँव, जिनकी ज़मीनें इसके निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थीं, पानी पर प्राथमिक अधिकारों का दावा करते हैं। उन्हें डर है कि नहरों में पानी छोड़ने से स्थानीय जल संकट बढ़ जाएगा, जबकि कमांड एरिया के गाँव सिंचाई के लिए बेताब हैं।
सरकार ने कानून व्यवस्था का हवाला दिया
राज्य सरकार ने अदालत के आदेशों को लागू न करने का कारण स्थानीय विरोध के चलते संभावित कानून व्यवस्था के मुद्दों को बताया। उन्होंने निर्देश का पालन करने के लिए अतिरिक्त 15 दिनों का समय माँगा था। हालांकि, हाईकोर्ट अपने फैसले पर अडिग रहा और बताई गई चुनौतियों के बावजूद, पालन के लिए केवल तीन सप्ताह का समय दिया।
क्यों मायने रखता है
पांचना बांध से पानी की समय पर रिहाई 35 गांवों के किसानों की कृषि आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है, जो सीधे उनकी फसल की उपज और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करती है। उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप आवश्यक संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करने और पिछले निर्णयों को बनाए रखने में न्यायिक निरीक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है, साथ ही लंबे समय से चले आ रहे अंतर-ग्रामीण जल विवादों को भी संबोधित करता है।
मुख्य तथ्य
- •Court Order Deadline: 3 weeks
- •Next Court Hearing Date: July 27
- •Villages Affected (no water): 35
- •Year Water Stoppage Began: 2006
- •Total Villages in Dispute: 74
- •Duration of Dispute: 20 years
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