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मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस: हरप्रीत सिंह तलवार को ED ने किया गिरफ्तार

Briovo· 26 Jun 2026, 11:31 am IST
मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस: हरप्रीत सिंह तलवार को ED ने किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सितंबर 2021 में मुंद्रा बंदरगाह पर जब्त की गई 3,000 किलोग्राम हेरोइन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार को गिरफ्तार किया है। तलवार पर एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के साथ मिलीभगत करने और अवैध ड्रग्स से प्राप्त लगभग ₹1.65 करोड़ की राशि को दिल्ली के विभिन्न नाइट क्लबों में निवेश करने का आरोप है। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि ड्रग्स की बिक्री से लगभग ₹74 करोड़ हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजे गए थे, कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए। तलवार को पहले अगस्त 2022 में इसी मामले में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने हालिया तलाशी के दौरान उसके निवेश से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।

AI सारांश

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ड्रग तस्करी मामले में अहम गिरफ्तारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंद्रा बंदरगाह पर 3,000 किलोग्राम हेरोइन जब्ती मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 24 जून, 2026 को राष्ट्रीय राजधानी में 24 और 25 जून को छह परिसरों पर व्यापक तलाशी के बाद की गई है।

कथित सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग

तलवार को 13 सितंबर, 2021 को हेरोइन जब्ती से उपजे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है। ईडी ने तलवार और अन्य के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर अपनी जांच शुरू की। जांच से तलवार का एक अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी सिंडिकेट के साथ कथित सहयोग सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट और अफगान नागरिक शामिल हैं।

फंड ट्रांसफर और आतंकी वित्तपोषण

ईडी की जांच का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष अवैध ड्रग्स की बिक्री से प्राप्त लगभग ₹74 करोड़ की राशि का हवाला चैनलों के माध्यम से अफगानिस्तान में कथित हस्तांतरण है। इन निधियों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किए जाने का संदेह है। तलवार ने स्वयं आपराधिक उद्यम में अपनी संलिप्तता से लगभग ₹1.65 करोड़ अर्जित किए हैं, जिसमें उसे नकद और विदेशी सामान के रूप में भुगतान प्राप्त हुआ।

दिल्ली के नाइट क्लबों में निवेश

ईडी की आगे की जांच में पता चला कि तलवार अपने कर्मचारियों और सहयोगियों के नाम पर पंजीकृत कई फर्मों को नियंत्रित करता था, जिनमें से एक, मैजेंटा इंडिया, को हेरोइन छिपी हुई अर्ध-संसाधित टैल्क प्राप्त हुई थी। उस पर कई प्रमुख दिल्ली नाइट क्लबों, जिनमें प्लेबॉय क्लब, व्हाइट क्लब दिल्ली और आरएसवीपी नाइट क्लब शामिल हैं, में ड्रग्स से प्राप्त आय का निवेश करने का भी आरोप है। एनआईए द्वारा उसकी गिरफ्तारी के बाद, उसने कथित तौर पर अपने व्यवसायों के शेयर सहयोगियों को हस्तांतरित कर दिए थे, जिन्होंने अन्य नाइट क्लबों में आगे निवेश किया।

चल रही जांच और बरामदगी

ईडी की जांच जारी है, अधिकारियों ने हालिया तलाशी के दौरान तलवार के कर्मचारियों, व्यापारिक सहयोगियों और संबंधित संगठनों से पूछताछ की है। उन्होंने तलवार और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए निवेश से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री और दस्तावेज जब्त किए हैं, जो मामले में महत्वपूर्ण सबूत प्रदान करते हैं। गिरफ्तारी के बाद तलवार को रिमांड के लिए एक विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किया गया था।

क्यों मायने रखता है

यह गिरफ्तारी भारत में प्रमुख ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने और मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण से उनके संबंधों को उजागर करने के चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डालती है।

मुख्य तथ्य

  • Arrested Individual: Harpreet Singh Talwar alias Kabir Talwar
  • Date of ED Arrest: June 24, 2026
  • Seizure Location: Mundra Port
  • Quantity of Heroin Seized: Approximately 3,000 kg
  • Illegal Proceeds: ₹1.65 crore (Talwar), ₹74 crore (Hawala to Afghanistan)
  • Prior Arrest: NIA arrested Talwar in August 2022

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