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जयराम रमेश ने NDA को बताया "नेशनल डिफेक्टर अलायंस"

Briovo· 18 Jun 2026, 03:02 pm IST
जयराम रमेश ने NDA को बताया "नेशनल डिफेक्टर अलायंस"

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने NDA सरकार पर "दलबदल की राजनीति" और "बदले की राजनीति" में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने NDA को "नेशनल डिफेक्टर अलायंस" बताया और दावा किया कि सरकार संवैधानिक संशोधन विधेयक पर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। रमेश का आरोप है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस हार से बौखला गए हैं और अब महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दलबदल कराकर अपनी संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इन कथित रणनीति के बावजूद विपक्ष की एकता पर जोर दिया और हाल ही में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक का उल्लेख किया।

AI सारांश

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कांग्रेस ने NDA पर लगाया 'दलबदल की राजनीति' का आरोप

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर 'बदले की राजनीति' करने का कड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री विपक्षी दलों में फूट डालने का प्रयास कर रहे हैं। रमेश ने NDA का नाम बदलकर 'नेशनल डिफेक्टर अलायंस' कर दिया है, जो राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने के एक सुनियोजित प्रयास का संकेत देता है।

संविधान संशोधन विधेयक: एक महत्वपूर्ण मोड़

रमेश ने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में हुई एक घटना का हवाला दिया, जहां सरकार एक संविधान संशोधन विधेयक के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रही। सरकार के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष ने इसके खिलाफ 230 वोट जुटाए। रमेश के अनुसार, इस हार ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बहुत परेशान कर दिया है, जिससे वे विपक्षी गठबंधनों को अस्थिर करने का सहारा ले रहे हैं।

दलबदल कराने के आरोप

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि सरकार अब अन्य दलों से दलबदल कराकर अपनी संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है। रमेश ने दावा किया कि गृह मंत्री मानसून सत्र से पहले दो-तिहाई बहुमत चाहते हैं ताकि वे संसद का विशेष सत्र बुला सकें। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए, ऐसी रणनीति का उपयोग करने की नैतिकता पर सवाल उठाया।

तोड़ने के प्रयासों के बीच विपक्ष की एकता

विपक्ष को तोड़ने के इन कथित प्रयासों के बावजूद, रमेश ने विभिन्न दलों के बीच मजबूत एकता पर जोर दिया। उन्होंने 8 जून को हुई INDIA ब्लॉक की हालिया बैठक को अपनी एकजुटता के प्रमाण के रूप में उजागर किया, जिसमें 23 दलों के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि सरकार अपने प्रयासों के बावजूद दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी।

महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल

ये आरोप महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच लगाए गए हैं। महाराष्ट्र में, शिवसेना (यूबीटी) गुट में संभावित विभाजन की खबरें हैं, जिसमें दावा किया गया है कि सात सांसद एकनाथ शिंदे के समूह के संपर्क में हैं। इसी तरह, पश्चिम बंगाल में, 20 विद्रोही तृणमूल कांग्रेस सांसदों ने कथित तौर पर अपने गुट को 'नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया' में विलय करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की।

क्यों मायने रखता है

यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव और अनैतिक प्रथाओं के आरोपों को उजागर करती है, जिससे संसदीय कार्यवाही और राजनीतिक गठबंधनों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

मुख्य तथ्य

  • Accusation: Jairam Ramesh accused NDA of 'politics of defection' and 'politics of revenge'.
  • NDA's New Name: Ramesh called NDA the 'National Defector Alliance'.
  • Trigger: Government failed to get a two-thirds majority on a constitutional amendment bill on April 17, 2026.
  • Vote Count: Government got 298 votes, opposition got 230 votes on the bill.
  • Maharashtra Defections: Reports of 6-7 Shiv Sena (UBT) MPs defecting to Eknath Shinde's faction.
  • West Bengal Defections: 20 TMC rebel MPs met Lok Sabha Speaker, seeking merger with 'Nationalist Congress Party of India'.

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