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पंजाब पुलिस ने वारिस पंजाब दे के प्रदर्शनकारियों पर किया पानी की बौछार का इस्तेमाल

Briovo· 29 Jul 2026, 04:58 pm IST
पंजाब पुलिस ने वारिस पंजाब दे के प्रदर्शनकारियों पर किया पानी की बौछार का इस्तेमाल

पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित आवास का घेराव करने की कोशिश कर रहे अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। अमृतपाल सिंह के पिता सहित प्रदर्शनकारी मोहाली से मार्च कर रहे थे, जिसमें जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य सिख कैदियों (बंदी सिंहों) की रिहाई की मांग की गई थी। बैरिकेड्स के बावजूद, कुछ प्रदर्शनकारियों ने मोहाली-चंडीगढ़ सीमा को तोड़ दिया। अमृतपाल सिंह को असम में एनएसए के तहत हिरासत में रखा गया है।

AI सारांश

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मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन

29 जुलाई, 2026 को अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने का प्रयास किया। यह विरोध प्रदर्शन मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए मुख्यमंत्री के आवास की ओर मार्च कर रहे थे।

पुलिस कार्रवाई

पंजाब पुलिस ने मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर भारी बल तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। बैरिकेड्स के बावजूद, कई प्रदर्शनकारी सीमा को पार करने में कामयाब रहे और आगे बढ़े, जिसमें एक प्रदर्शनकारी तो पानी की बौछार करने वाले वाहन पर भी चढ़ गया।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें

अकाली दल (वारिस पंजाब दे) की मुख्य मांग जेल में बंद खडूर साहिब सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य 'बंदी सिंहों' (सिख कैदियों) की रिहाई थी। प्रदर्शनकारी उनकी रिहाई की वकालत करते हुए पोस्टर ले जा रहे थे, और अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह भी प्रदर्शनकारियों में मौजूद थे।

अमृतपाल सिंह की हिरासत

अमृतपाल सिंह वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के मामले में उसकी संलिप्तता के बाद उसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। एनएसए के तहत उसकी हिरासत पहले अप्रैल में समाप्त हो गई थी।

'बंदी सिंह' को समझना

'बंदी सिंह' उन सिख कैदियों को संदर्भित करते हैं जिन्हें 1990 के दशक में पंजाब विद्रोह के दौरान उग्रवाद के लिए दोषी ठहराया गया था। कई सिख संगठन दावा करते हैं कि ऐसे कई कैदी अपनी सजा पूरी होने के बाद भी जेल में बंद हैं, जिससे उनकी रिहाई की लगातार मांगें उठ रही हैं।

क्यों मायने रखता है

यह घटना अमृतपाल सिंह और अन्य सिख कैदियों की रिहाई की लगातार मांगों और तनाव को उजागर करती है, जो पंजाब में महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर जोर देती है।

मुख्य तथ्य

  • Date of Incident: July 29, 2026
  • Location: Mohali-Chandigarh border
  • Protesting Group: Akali Dal (Waris Punjab De)
  • Key Demand: Release of Amritpal Singh and 'Bandi Singhs'
  • Amritpal Singh's Status: Lodged in Assam's Dibrugarh jail under NSA

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