मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द, कांग्रेस समर्थकों ने CJI-CEC को लिखा पत्र

मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के विरोध में लगभग 300 कांग्रेस समर्थकों और नागरिकों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को पत्र लिखा है। भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की शिकायत के बाद, रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने तेलंगाना में एक अदालती मामले के संबंध में फॉर्म 26 में अधूरी जानकारी का हवाला देते हुए नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया था। हस्ताक्षरकर्ताओं का तर्क है कि यह अस्वीकृति चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक भागीदारी को कमजोर करती है, और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36 तथा चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती है। मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले नटराजन ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है।
क्यों मायने रखता है
राज्यसभा नामांकन की अस्वीकृति और उसके बाद उच्च न्यायिक तथा चुनावी निकायों में अपील चुनावी अखंडता, पारदर्शिता और चुनावी कानूनों की व्याख्या के मुद्दों को उजागर करती है। यह मामला नामांकन में उचित प्रक्रिया और निगरानी निकायों की भूमिका को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जो यूपीएससी राजनीति और शासन के लिए एक प्रमुख पहलू है।
मुख्य तथ्य
- •Number of signatories: 300 citizens and Congress supporters
- •Date of letter to CJI and CEC: June 11
- •Reason for rejection: Incomplete details in Form 26 regarding a Telangana court case
- •Officer who rejected nomination: Returning Officer Arvind Sharma
- •Complainant: BJP candidate Mahesh Kewat
- •Rajya Sabha election date for Madhya Pradesh: June 18
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