ईरान ने इराक में अमेरिकी-सऊदी हमलों की निंदा की
ईरान ने इराक में संयुक्त अमेरिकी-सऊदी हमलों की कड़ी निंदा की है, इन्हें "आपराधिक, अमानवीय और उत्तेजक" बताया तथा इराकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। CENTCOM और सऊदी सेना द्वारा किए गए ये हमले, अमेरिकी बलों और सऊदी बुनियादी ढांचे पर कथित IRGC-निर्देशित ड्रोन हमलों के जवाब में ईरान-संरेखित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते थे। ईरान ने कहा कि इन हमलों में इराकी संस्थान और अरबीन तीर्थस्थल भी प्रभावित हुए। पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) ने 20 सदस्यों के मारे जाने और 32 के घायल होने की सूचना दी है, जिससे पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ गया है।
AI सारांश
3 bulletsईरान ने अमेरिकी-सऊदी कार्रवाई की निंदा की
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इराक में संयुक्त अमेरिकी-सऊदी हमलों की कड़ी निंदा की है, इन्हें "आपराधिक, अमानवीय और उत्तेजक कार्रवाई" करार दिया। तेहरान ने वाशिंगटन और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर इराकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। यह निंदा क्षेत्र में बढ़ते राजनयिक मतभेद और बढ़ते तनाव को उजागर करती है।
इराक में लक्ष्य
ईरान के अनुसार, इन हमलों ने इराक के विभिन्न क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसमें आधिकारिक इराकी संस्थानों से संबंधित सुविधाएं भी शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, अरबीन तीर्थयात्रियों से जुड़े जुलूसों और स्टेशनों पर भी कथित तौर पर हमला किया गया। ईरान का यह दावा बताता है कि इन हमलों का प्रभाव केवल आतंकवादी ठिकानों से कहीं अधिक व्यापक था, जिससे संभावित रूप से नागरिक बुनियादी ढाँचे और धार्मिक सभाएँ प्रभावित हुईं।
CENTCOM का औचित्य
ईरान की निंदा अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की घोषणा के बाद आई है, जिसमें उसने बताया कि उसने सऊदी अरब सशस्त्र बलों के साथ मिलकर इराक में ईरान-संरेखित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। CENTCOM ने कहा कि ये हमले पिछले 72 घंटों में 30 से अधिक IRGC-निर्देशित हवाई ड्रोन हमलों के जवाब में थे, जिनमें अमेरिकी सेना और सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी सेना ने आगे दावा किया कि फरवरी और अप्रैल 2026 के बीच ईरान समर्थित मिलिशिया ने इराक में अमेरिकी कर्मियों और सुविधाओं पर 600 से अधिक हमले किए, जिससे उनकी रक्षात्मक कार्रवाइयों को उचित ठहराया गया।
पीएमएफ द्वारा हताहतों की सूचना
इराक में सक्रिय ईरान समर्थित अर्धसैनिक समूह पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) ने हमलों में हताहतों की सूचना दी है। ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, पीएमएफ ने बताया कि उसके कम से कम 20 सदस्य शहीद हुए और 32 अन्य घायल हुए। ये आंकड़े चल रहे संघर्ष की मानवीय कीमत और क्षेत्र में ईरान से जुड़े समूहों पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
तनाव में वृद्धि
हमलों और कड़ी निंदा का यह नवीनतम आदान-प्रदान ईरान समर्थित समूहों, संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच तनाव में एक और महत्वपूर्ण वृद्धि का प्रतीक है। यह अस्थिर स्थिति पश्चिमी एशिया में एक व्यापक संघर्ष और अस्थिरता की संभावना पर गंभीर चिंता पैदा करती है। क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए इसके दूरगामी प्रभावों के कारण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रख रहा है।
क्यों मायने रखता है
इराक में संयुक्त अमेरिकी-सऊदी हवाई हमले और ईरान की कड़ी निंदा से पहले से ही अस्थिर पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ गया है, जिससे एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष और इराकी संप्रभुता व नागरिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
मुख्य तथ्य
- •Incident: Joint US-Saudi airstrikes in Iraq
- •Date: July 28
- •Target: Iran-aligned militant sites, Iraqi institutions, Arbaeen pilgrim sites
- •Claimed Casualties by PMF: 20 killed, 32 injured
- •Reason for strikes (US-Saudi): Response to over 30 IRGC-directed drone attacks on US forces and Saudi infrastructure
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