मानसून में अस्थमा: पल्मोनोलॉजिस्ट ने बताईं 10 सावधानियां
मानसून का मौसम गर्मी से राहत देता है, लेकिन नमी बढ़ने, फफूंदी और वायरल संक्रमण के कारण अस्थमा के लक्षण बिगड़ सकते हैं। सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. लवलीन मंगला बताते हैं कि अत्यधिक नमी वायुमार्ग में सूजन पैदा करती है, बलगम बढ़ाती है और फफूंदी व धूल के कण जैसे ट्रिगर्स के लिए आदर्श स्थिति बनाती है। ठंडी हवाएं भी लक्षणों को बढ़ाती हैं। वह अस्थमा रोगियों को घर के अंदर रहने, घरों को सूखा रखने, डीह्यूमिडिफायर का उपयोग करने और सामान्य ट्रिगर्स व ठंडी चीजों से बचने की सलाह देते हैं। वायरल संक्रमण से बचाव के लिए नियमित दवा और स्वच्छता महत्वपूर्ण है। बाहर मास्क पहनना और स्वस्थ आहार भी इस चुनौतीपूर्ण मौसम में लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद करता है।
AI सारांश
3 bulletsमानसून का अस्थमा पर प्रभाव
मानसून, मौसम को ठंडा करने के बावजूद, अक्सर अस्थमा रोगियों में लक्षणों को बढ़ा देता है। डॉ. लवलीन मंगला बताते हैं कि बढ़ी हुई नमी, तेजी से फफूंदी का विकास और वायरल संक्रमणों की बढ़ती संख्या इस बिगड़ती स्थिति में योगदान करते हैं। ये कारक सामूहिक रूप से अस्थमा जैसी पुरानी फेफड़ों की स्थिति वाले व्यक्तियों के लिए सांस लेना अधिक चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।
नमी और ट्रिगर्स
डॉ. मंगला के अनुसार, उच्च नमी का स्तर वायुमार्ग में काफी सूजन पैदा करता है और ब्रोन्कोकनस्ट्रिक्शन की ओर ले जाता है, जिससे वायु प्रवाह बाधित होता है। यह फफूंदी और धूल के कण जैसे सामान्य अस्थमा ट्रिगर्स के लिए एक आदर्श प्रजनन स्थल बनाता है। बढ़ी हुई नमी बलगम उत्पादन को भी बढ़ाती है, जिससे इस मौसम में खांसी और घरघराहट जैसे लक्षण अधिक गंभीर हो जाते हैं।
रोगियों के लिए मुख्य सावधानियां
अस्थमा के रोगियों को बाहरी ट्रिगर्स के संपर्क को कम करने के लिए घर के अंदर रहने को प्राथमिकता देनी चाहिए, खासकर भारी बारिश और तूफान के दौरान। नम क्षेत्रों की नियमित जांच और सफाई करके एक सूखा, फफूंदी-मुक्त घर का वातावरण बनाए रखना महत्वपूर्ण है। डीह्यूमिडिफायर का उपयोग करने से घर के अंदर की नमी और कम हो सकती है, जिससे एलर्जन के लिए आसपास का वातावरण कम अनुकूल हो जाता है।
दवा और स्वच्छता
मानसून के दौरान लक्षणों के प्रबंधन के लिए निर्धारित अस्थमा दवाओं, जिसमें इनहेलर भी शामिल हैं, का लगातार सेवन करना अनिवार्य और आवश्यक है। रोगियों को वायरल संक्रमण से बचने के लिए अच्छी स्वच्छता का अभ्यास भी करना चाहिए और बीमार व्यक्तियों के संपर्क से बचना चाहिए, क्योंकि यह अस्थमा के दौरे का एक प्रमुख कारण है। बाहर मास्क पहनने से हवा में मौजूद एलर्जन और बीजाणुओं को छानने में मदद मिलती है।
जीवनशैली में समायोजन
कुछ जीवनशैली समायोजन अस्थमा के लक्षणों को काफी कम कर सकते हैं। डॉ. मंगला बहुत ठंडे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से बचने की सलाह देते हैं, जो कुछ व्यक्तियों में स्थिति को बढ़ा सकते हैं। कम पराग स्तर वाले समय में बाहरी गतिविधियों की सावधानीपूर्वक योजना बनाना और समग्र श्वसन स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा कार्य का समर्थन करने के लिए एक स्वस्थ, संतुलित आहार बनाए रखना भी अनुशंसित है।
क्यों मायने रखता है
मानसून के दौरान अस्थमा के लक्षण अक्सर बिगड़ जाते हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित होते हैं। यह विशेषज्ञ सलाह रोगियों को अपनी स्थिति का प्रबंधन करने और गंभीर हमलों को रोकने में मदद करती है।
मुख्य तथ्य
- •Expert: Dr. Loveleen Mangla, Sr. Consultant Pulmonologist, Metro Hospital Faridabad NCR
- •Key Triggers: Increased humidity, mold, dust mites, viral infections, cold breezes
- •Primary Advice: Stay indoors, keep home dry, take regular medication, avoid triggers
- •Prevention: Hygiene, masks outdoors, healthy diet, avoid cold foods/drinks
- •Experience: Dr. Mangla has over 15 years experience in pulmonology
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