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राष्ट्रपति ने नए नकल-रोधी परीक्षा कानून को दी मंजूरी

Briovo· 01 Aug 2026, 01:15 am IST
राष्ट्रपति ने नए नकल-रोधी परीक्षा कानून को दी मंजूरी

राष्ट्रपति ने सार्वजनिक परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने के लिए 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026' को मंजूरी दे दी है. यह नया कानून पेपर लीक और नकल जैसी धांधलियों पर अंकुश लगाएगा. इसमें गड़बड़ी करने वाले गिरोहों, कोचिंग संस्थानों और सेवा प्रदाताओं के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है. यह कानून UPSC, SSC, RRB, NTA और केंद्र सरकार के अन्य विभागों की परीक्षाओं को कवर करेगा, जिसका लक्ष्य लाखों उम्मीदवारों के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और अखंडता को बढ़ाना है.

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नए परीक्षा कानून को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी

भारत की राष्ट्रपति ने औपचारिक रूप से 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026' को मंजूरी दे दी है, जिससे यह देशव्यापी कानून बन गया है. इस महत्वपूर्ण कदम का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधलियों के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों का समाधान करना है. यह कानून संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद आया है, जो एक एकजुट सरकारी प्रयास को दर्शाता है.

नकल और पेपर लीक से मुकाबला

इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, बड़े पैमाने पर नकल और अन्य अनुचित प्रथाओं को खत्म करना है जो सार्वजनिक परीक्षाओं की अखंडता को कमजोर करती हैं. यह ऐसी अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को रोकने और दंडित करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है. इसमें व्यक्ति, संगठित समूह और यहां तक कि धांधलियों की सुविधा प्रदान करने वाले संस्थान भी शामिल हैं.

दोषियों के लिए कड़ी सजा

संशोधित अधिनियम अपने प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान करता है. इसमें संगठित गिरोह, कोचिंग सेंटर और सेवा प्रदाता शामिल हैं जो अनुचित साधनों में लिप्त हैं या उन्हें बढ़ावा देते हैं. यह कानून जांच एजेंसियों को परीक्षाओं में तकनीकी सेंधमारी और मिलीभगत को रोकने के लिए अधिक अधिकार प्रदान करता है.

केंद्रीय परीक्षाओं की व्यापक कवरेज

यह व्यापक कानून विभिन्न केंद्र सरकार के निकायों द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है. इसमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं. यह अन्य मंत्रालयों और विभागों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं पर भी लागू होता है.

आकांक्षियों के भविष्य और विश्वास की रक्षा

सरकार का मानना है कि यह उपाय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवा आकांक्षियों के विश्वास को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षाएं निष्पक्ष और समय पर आयोजित हों, जिससे हाल ही में NEET घटना जैसे पेपर लीक के कारण होने वाली परेशानी न हो. यह कानून योग्य उम्मीदवारों के भविष्य की रक्षा करता है.

क्यों मायने रखता है

यह कानून भारत में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं को सुनिश्चित करने, लाखों छात्रों के भविष्य की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण है.

मुख्य तथ्य

  • Law Name: Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Act, 2026
  • Approval Date: August 1, 2026 (Implied by article date)
  • Purpose: Prevent paper leaks, cheating, and malpractices in competitive exams
  • Covered Exams: UPSC, SSC, RRB, NTA, and other central government exams
  • Penalties: Strict punishment and heavy fines for offenders

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