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दिल्ली EV नीति: मौजूदा पेट्रोल बाइक पर कोई प्रतिबंध नहीं

Briovo· 29 Jun 2026, 10:19 pm IST
दिल्ली EV नीति: मौजूदा पेट्रोल बाइक पर कोई प्रतिबंध नहीं

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 29 जून को दिल्ली की नई EV नीति को मंजूरी मिली है, जिसके तहत अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का नया पंजीकरण होगा। हालांकि, यह मौजूदा पेट्रोल/डीजल दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाती है, जो मौजूदा नियमों का पालन करने पर चलते रहेंगे। नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक गतिशीलता की ओर चरणबद्ध संक्रमण है, जिसमें निर्धारित समय-सीमा के बाद कुछ पेट्रोल/डीजल वाहनों के नए पंजीकरण बंद हो जाएंगे। यह ₹30 लाख तक की EV के लिए पंजीकरण शुल्क और सड़क कर छूट जैसे प्रोत्साहन भी प्रदान करती है, और पुराने वाहन स्क्रैप करने पर ₹1 लाख तक का लाभ भी देती है। नीति 1 जुलाई 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2030 तक चलेगी, जिसका लक्ष्य वायु प्रदूषण कम करना है।

AI सारांश

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मौजूदा पेट्रोल वाहनों पर कोई प्रतिबंध नहीं

29 जून को अनुमोदित दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति स्पष्ट करती है कि मौजूदा पेट्रोल और डीजल दोपहिया वाहनों पर लगातार उपयोग से कोई प्रतिबंध नहीं है। मालिक 2028 के बाद भी अपने वर्तमान वाहनों का उपयोग कर सकते हैं, बशर्ते वे दिल्ली के मौजूदा वाहन नियमों का पालन करें। यह नीति विशेष रूप से नए वाहन पंजीकरणों को लक्षित करती है, न कि पहले से सड़क पर चल रहे वाहनों को।

नए पंजीकरणों के लिए चरणबद्ध संक्रमण

दिल्ली EV नीति इलेक्ट्रिक गतिशीलता के लिए एक चरणबद्ध दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। 1 जनवरी 2027 से, केवल इलेक्ट्रिक यात्री और मालवाहक तिपहिया वाहन ही नए पंजीकरण के योग्य होंगे। इसके बाद, 1 अप्रैल 2028 से, राष्ट्रीय राजधानी में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, जिनमें मोटरसाइकिल और स्कूटर शामिल हैं, नए पंजीकरण के लिए अनुमत होंगे।

EV अपनाने के लिए प्रोत्साहन

इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव को प्रोत्साहित करने के लिए, यह नीति कई प्रोत्साहन प्रदान करती है। इनमें ₹30 लाख तक के पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क और सड़क कर हटाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, जो खरीदार एक पुराना वाहन स्क्रैप करके एक नया EV खरीदते हैं, उन्हें ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन मिल सकता है।

नीति का कार्यान्वयन और अवधि

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली EV नीति को 29 जून को मंजूरी दी गई। यह 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक परिचालन में रहेगी। इस चार साल की अवधि का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर दिल्ली में वाहन उत्सर्जन को काफी कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।

ELV नियमों की निरंतर प्रासंगिकता

हालांकि नई EV नीति मौजूदा वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाती है, पेट्रोल और डीजल वाहन अभी भी दिल्ली के मौजूदा 'एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल' (ELV) नियमों के अधीन होंगे। इसका मतलब है कि 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को पर्यावरण मानदंडों के कारण प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा और अंततः उन्हें स्क्रैप करना होगा, नई EV नीति की परवाह किए बिना।

क्यों मायने रखता है

दिल्ली EV नीति मौजूदा पेट्रोल/डीजल वाहनों की स्थिति को स्पष्ट करती है और इलेक्ट्रिक गतिशीलता को बढ़ावा देती है, जिससे राजधानी में यात्रियों और वायु गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव पड़ता है। वाहन मालिकों के लिए इन नए नियमों को समझना महत्वपूर्ण है।

मुख्य तथ्य

  • Policy Approval Date: June 29
  • Electric Two: From April 2028
  • Electric Three: From January 2027
  • EV Road Tax/Registration Fee…: Up to ₹30 lakh vehicles
  • Scrapping Incentive: Up to ₹1 lakh
  • Policy Operational Period: July 1, 2026 - March 31, 2030

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