एंटीसिपेटरी बेल के लिए सेंथिल बालाजी ने SC का रुख किया
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी की TASMAC भ्रष्टाचार मामले में अग्रिम जमानत याचिका मद्रास उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी। न्यायालय ने खजाने को ₹17 करोड़ से अधिक के नुकसान के आरोपों के कारण हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता बताई। बालाजी ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसकी सुनवाई बुधवार को होनी है। DVAC द्वारा दर्ज FIR में बालाजी और एक IAS अधिकारी सहित छह अन्य को TASMAC के कामकाज में कथित अनियमितताओं के लिए नामित किया गया है, जिसमें डिमांड ड्राफ्ट का दुरुपयोग और आपूर्ति आदेशों के लिए रिश्वतखोरी शामिल है।
AI सारांश
3 bulletsHC ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी की TASMAC भ्रष्टाचार मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने जोर दिया कि आरोपों की गंभीर प्रकृति, जो सरकारी खजाने को ₹17 करोड़ से अधिक के नुकसान का संकेत देती है, गहन जांच के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक बनाती है।
बालाजी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद, सेंथिल बालाजी ने अब गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शीर्ष अदालत बुधवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करेगी, जिससे उन्हें उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ संभावित अंतिम उपाय मिलेगा।
आरोप और जांच की आवश्यकता
तमिलनाडु सरकार ने तर्क दिया कि ₹17 करोड़ का कथित नुकसान केवल "हिमशैल का सिरा" है, यह सुझाव देते हुए कि वास्तविक नुकसान ₹100 करोड़ से अधिक हो सकता है। लोक अभियोजक जॉन सत्यन ने तर्क दिया कि वित्तीय अनियमितताओं के पूरे दायरे और मामले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए बालाजी की हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
FIR विवरण और आरोपी
सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) ने TASMAC में कथित अनियमितताओं को लेकर सेंथिल बालाजी और छह अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। नामितों में IAS अधिकारी एस विसागन, जो TASMAC के प्रमुख थे, और निगम से जुड़े व्यक्ति तथा बालाजी के निजी कर्मचारी शामिल हैं। FIR में डिमांड ड्राफ्ट के दुरुपयोग और आपूर्ति आदेशों के लिए रिश्वतखोरी का उल्लेख है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला एक पूर्व मंत्री और राज्य-संचालित उद्यम में बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है, जिससे सार्वजनिक विश्वास प्रभावित हो सकता है और व्यवस्थागत मुद्दे उजागर हो सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Court: Madras High Court, Supreme Court
- •Accused: Senthil Balaji (former TN Minister), IAS officer S Visakan, and 5 others
- •Alleged Loss: ₹17 crore (state claims it could be ₹100 crore)
- •Case Type: Anticipatory Bail Plea, Corruption
- •Agency: DVAC (Directorate of Vigilance and Anti-Corruption)
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