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टीएमसी में बड़ी फूट: 20 सांसदों ने किया विद्रोह, अलग गुट बनाने की मांग; मुख्यालय पर भी कब्जे का खतरा

Briovo· 08 Jun 2026
टीएमसी में बड़ी फूट: 20 सांसदों ने किया विद्रोह, अलग गुट बनाने की मांग; मुख्यालय पर भी कब्जे का खतरा

टीएमसी आंतरिक संकट का सामना कर रही है, जहां 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने, काकोली घोष दस्तीदार और सुखेंदु शेखर रॉय के नेतृत्व में, पार्टी में "अराजकता और अव्यवस्था" का हवाला देते हुए एक अलग संसदीय समूह बनाने के लिए विद्रोह किया है। यह घटनाक्रम 80 में से 60 विधायकों के पहले ही पार्टी से अलग होने के बाद आया है। विद्रोही सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की, जिससे उनके राजग के साथ जुड़ने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, टीएमसी का कोलकाता मुख्यालय भी खतरे में है क्योंकि किराये का समझौता 2025 के अंत में समाप्त होने के बाद मकान मालिक ने संपत्ति वापस लेने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की है।

क्यों मायने रखता है

किसी प्रमुख क्षेत्रीय दल में यह बड़ी फूट दल-बदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) की गतिशीलता और ऐसे संकटों के दौरान पार्टी चिह्नों व नामों का निर्णय करने में चुनाव आयोग की भूमिका को उजागर करती है। यह यूपीएससी राजनीति और समसामयिक घटनाओं के लिए प्रासंगिक है, जो राजनीतिक अस्थिरता और पार्टी पुनर्गठन को दर्शाती है।

मुख्य तथ्य

  • Number of Lok Sabha MPs rebelling: 20 out of 28
  • Number of MLAs who previously split: 60 out of 80
  • Leader of rebellious MPs group: Kakoli Ghosh Dastidar
  • Union Minister met by rebellious MPs: Bhupendra Yadav
  • Year TMC headquarters rental agreement expired: Late 2025
  • TMC leader arrested: Jahangir Khan

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