राजस्थान में ₹200 करोड़ की लागत से महाराणा प्रताप के 7 स्थलों का होगा जीर्णोद्धार
राजस्थान सरकार महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट को विकसित करने के लिए तैयार है, जिसमें महाराणा प्रताप से जुड़े सात ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार पर ₹200 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और मेवाड़ की विरासत को संरक्षित करना है। शुरुआत में ₹100 करोड़ अनुमानित इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीकृत हो चुकी है और वित्तपोषण भी सुरक्षित कर लिया गया है। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने आवश्यकता पड़ने पर अधिक धन आवंटित करने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की सीधी निगरानी में इस परियोजना में कुंभलगढ़, गोगुंदा और हल्दीघाटी जैसे स्थलों पर लाइट एंड साउंड शो, होलोग्राफिक संग्रहालय और प्रोजेक्शन मैपिंग जैसी उन्नत सुविधाएँ शामिल होंगी।
AI सारांश
3 bulletsविरासत पर्यटन के लिए वृहद परियोजना
राजस्थान सरकार 'महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट' नामक एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू कर रही है। इस पहल का उद्देश्य महाराणा प्रताप से जुड़े सात महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार और प्रचार करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और मेवाड़ क्षेत्र की समृद्ध विरासत को संरक्षित करना है। यह परियोजना, जिसका प्रारंभिक अनुमान ₹100 करोड़ था, को व्यापक विकास सुनिश्चित करने के लिए ₹200 करोड़ तक संशोधित किया गया है।
प्रमुख स्थल और आधुनिक सुविधाएँ
इस सर्किट में कुंभलगढ़ (जन्मस्थान), गोगुंदा (राज्याभिषेक स्थल), हल्दीघाटी (युद्धस्थल) और चावंड (अंतिम राजधानी और निर्वाण स्थल) जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल होंगे। इन स्थलों को लाइट एंड साउंड शो, होलोग्राफिक संग्रहालय, कला दीर्घाएँ, वॉटर प्रोजेक्शन मैपिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं और मनोरम दृश्यों, जंगल ट्रेल्स और टॉय ट्रेन जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा ताकि आगंतुकों को एक व्यापक अनुभव मिल सके।
प्रगति और निरीक्षण
महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल गई है और वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। पिछले दो वर्षों में दिवेर, चावंड और हल्दीघाटी में भूमि आवंटन का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की सीधी निगरानी में यह परियोजना है, जिससे इसका समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
सांस्कृतिक संवर्धन का दृष्टिकोण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके महाराणा प्रताप के जीवन, वीरता और मेवाड़ के आदिवासी इतिहास को वैश्विक मंच पर लाना है। राज्य सरकार का लक्ष्य उनकी विरासत का सम्मान करना और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आवश्यकता पड़ने पर और अधिक धन आवंटित करने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।
क्यों मायने रखता है
यह पहल महाराणा प्रताप और मेवाड़ क्षेत्र के समृद्ध इतिहास और वीरता को संरक्षित और बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा और सांस्कृतिकKof appreciation को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य तथ्य
- •Project Cost (Initial Estimate): ₹100 Crore
- •Project Cost (Revised): ₹200 Crore
- •Number of Sites to be Revamped: 7
- •Project Launch Announcement: June 8, 2024
- •Project Status: DPR approved, financing secured, tendering process to begin
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