CJP ने NEET आत्महत्याओं के लिए प्रधान का इस्तीफा, मुआवजे की मांग की
नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र के सामने अपनी 'गैर-परक्राम्य' मांगों को दोहराया। प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ का मुआवजा, और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना शामिल है। सीजेपी ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार के लिए सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस आयुक्त से सार्वजनिक माफी की भी मांग की। सीजेपी और केंद्र के बीच चर्चा जारी रहने वाली है, जिसमें सीजेपी ने अपनी मांगें पूरी न होने पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है, और शिक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है।
AI सारांश
3 bulletsसीजेपी ने मुख्य मांगों को दोहराया
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ चर्चा की, जिसमें नीट पेपर लीक को लेकर अपनी गैर-परक्राम्य मांगों पर फिर से जोर दिया गया। नई दिल्ली के विट्ठलभाई पटेल हाउस में सीजेपी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने करीब दो घंटे तक बैठक की। ये वार्ताएँ बढ़ते तनाव को हल करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।
सीजेपी की प्रमुख मांगें
सीजेपी की प्राथमिक मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले नीट उम्मीदवारों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ का वित्तीय मुआवजा शामिल है। वे प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने पर भी जोर दे रहे हैं। इन बिंदुओं पर किसी भी समाधान के लिए मौलिक रूप से जोर दिया गया।
सार्वजनिक माफी की मांग
इस्तीफे और मुआवजे के अलावा, सीजेपी ने भारत सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स के प्रमुख और दिल्ली पुलिस आयुक्त से सार्वजनिक माफी की मांग की। यह माफी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा छात्रों पर कथित क्रूर हमले के लिए मांगी गई है। पार्टी का दावा है कि देश भर में समर्थकों के साथ व्यापक परामर्श इन मांगों का समर्थन करते हैं।
विरोध आंदोलन का भविष्य
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि मांगें गैर-परक्राम्य हैं, और चेतावनी दी है कि इन्हें पूरा न करने पर पार्टी को एक और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि 150-200 से अधिक शहरों के प्रदर्शनकारी प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी की अपनी मांगों में एकजुट हैं। सरकार ने इस मामले को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने और आगे की बातचीत तय करने पर सहमति व्यक्त की है।
सरकार की प्रतिक्रिया और अगले कदम
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पुष्टि की कि सरकार ने सीजेपी की मांगों को सुना और उचित विचार के बाद जवाब देगी। शनिवार के लिए एक फॉलो-अप बैठक निर्धारित की गई है, जिसमें सीजेपी ने एक निश्चित निर्णय की उम्मीद जताई है। बैठक के बाद सरकार की कार्रवाई विरोध के तत्काल भविष्य और संभावित शिक्षा प्रणाली सुधारों को निर्धारित करेगी।
क्यों मायने रखता है
कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच यह गतिरोध परीक्षा प्रणाली में बढ़ते सार्वजनिक असंतोष और अविश्वास को उजागर करता है, जो हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है। इन वार्ताओं के परिणाम से महत्वपूर्ण नीतिगत परिवर्तन हो सकते हैं या व्यापक विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Demanding Pradhan's Resignation: CJP's key and non-negotiable demand in talks with the Centre.
- •Compensation for Suicides: ₹1 crore for families of NEET aspirants who died by suicide.
- •No Legal Action Against Protesters: Another non-negotiable demand by CJP.
- •Public Apology Sought: From GOI, Rapid Action Force, and Delhi Police Commissioner for alleged assault on students.
- •Ongoing Discussions: CJP and government to resume talks on Saturday after a nearly two-hour meeting.
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