राज्यसभा सांसदों से जैसलमेर को विकास निधि
राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में विकास परियोजनाओं के लिए राज्यसभा सांसदों ने करोड़ों रुपये की सिफारिश की है। कोई विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्र न होने के बावजूद, राज्यसभा सांसद अपने निर्वाचित राज्य के किसी भी जिले में कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं। यह योजना, एमपीलैड्स, जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा देने में सहायक रही है। सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह जैसे कई प्रमुख सांसदों ने ग्रेवल सड़कों, पानी की टंकियों और स्कूल के कमरों जैसी परियोजनाओं में योगदान दिया है। इस योजना के तहत प्रत्येक सांसद को सालाना ₹5 करोड़ मिलते हैं।
AI सारांश
3 bulletsएमपीलैड्स से जैसलमेर के विकास को बढ़ावा
राज्यसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड्स) राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में विकास के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। यह योजना राज्यसभा के सांसदों को अपने निर्वाचित राज्य के भीतर किसी भी जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं की सिफारिश करने और उन्हें निधि देने की अनुमति देती है, भले ही उनका कोई परिभाषित संसदीय क्षेत्र न हो।
प्रमुख सांसदों का स्थानीय कार्यों में योगदान
विभिन्न दलों के कई प्रमुख राज्यसभा सांसदों ने जैसलमेर के लिए महत्वपूर्ण धन की सिफारिश की है। इनमें पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा के मदन राठौड़, कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक, रणदीप सिंह सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल, प्रमोद तिवारी, नीरज डांगी, और यहाँ तक कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और महेश जेठमलानी भी शामिल हैं। इनके योगदान से प्रत्येक ₹5 लाख से ₹25 लाख के बीच की परियोजनाओं को वित्तपोषित किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँची आवश्यक सुविधाएँ
एमपीलैड्स के माध्यम से जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे स्थानीय आबादी को सीधा लाभ मिला है। वित्तपोषित परियोजनाओं में ग्रेवल सड़कों का निर्माण, स्वच्छ पेयजल टैंक, स्कूलों में अतिरिक्त कमरे, सार्वजनिक पुस्तकालय, सामुदायिक भवन और सार्वजनिक शौचालय शामिल हैं। ये पहल दूरदराज के गाँवों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की कमियों को दूर करती हैं।
वार्षिक आवंटन और उपयोग
एमपीलैड्स योजना के तहत, प्रत्येक सांसद को सालाना ₹5 करोड़ का फंड आवंटित किया जाता है, जिसे दो किश्तों में वितरित किया जाता है। किसी भी अप्रयुक्त राशि को आगे ले जाया जा सकता है और अगले वर्षों में उपयोग किया जा सकता है, जिससे विकास की निरंतरता सुनिश्चित होती है। इसका प्राथमिक उद्देश्य स्थानीय जरूरतों को पूरा करने वाले टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण करना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।
जिला प्रशासन करता है कार्यान्वयन का निरीक्षण
अनुशंसित परियोजनाओं का कार्यान्वयन संबंधित विभागों के माध्यम से जिला प्रशासन और जिला परिषद द्वारा किया जाता है। वे तकनीकी अनुमोदन, निविदा और निर्माण कार्यों के पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं। दिशानिर्देश अनिवार्य करते हैं कि निधियों का उपयोग केवल स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियाँ बनाने के लिए किया जाए, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के लिए विशिष्ट आवंटन शामिल है।
क्यों मायने रखता है
एमपीलैड्स योजना राज्यसभा सांसदों को अपने निर्वाचित राज्य के किसी भी जिले में विकास को निधि देने की अनुमति देती है, जिससे जैसलमेर जैसे दूरदराज के क्षेत्रों को आवश्यक बुनियादी ढाँचे का लाभ मिलता है।
मुख्य तथ्य
- •Total Funds Recommended: Crores of rupees
- •Scheme Name: Rajya Sabha MP Local Area Development Scheme (MPLADS)
- •Annual Fund per MP: ₹5 crore
- •Types of Projects: Gravel roads, water tanks, school rooms, libraries, community halls
- •Beneficiary District: Jaisalmer, Rajasthan
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