उत्तराखंड में 27 जून से मानसून की वापसी के आसार
उत्तराखंड में 27 जून से बारिश की वापसी होने वाली है, और 30 जून तक पूरे राज्य में मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है। मैदानी इलाकों में गर्मी जारी है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत कम है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का अनुमान लगाया है, खासकर 28 जून से कुमाऊं में बारिश बढ़ेगी। 30 जून के आसपास पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है। निवासियों और चारधाम यात्रियों को भूस्खलन और अचानक बाढ़ की संभावना के कारण सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
AI सारांश
3 bulletsउत्तराखंड में मानसून की वापसी
उत्तराखंड में 27 जून से बारिश की वापसी होने वाली है, और 30 जून तक मानसून के पूरे राज्य में सक्रिय होने की उम्मीद है। मैदानी इलाकों में अभी भी तेज़ गर्मी का असर है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत कम है। यह बदलाव मानसून के मौसम की शुरुआत का संकेत है, जिससे पूरे राज्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएंगे।
हालिया मौसम और पूर्वानुमान
26 जून को देहरादून में अधिकतम तापमान 34.2°C दर्ज किया गया, जबकि अल्मोड़ा में यह 11.3°C रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 27 जून को अधिकांश पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में इस दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
कुमाऊं में बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
कुमाऊं क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। 28 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है। 29 जून तक बारिश का दायरा बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत तक फैल जाएगा, और अन्य पहाड़ी जिलों में भी कुछ वर्षा होगी।
मानसून का चरम और भारी बारिश का अलर्ट
30 जून से 2 जुलाई तक, मानसून के पूरे उत्तराखंड में पूरी तरह सक्रिय होने का अनुमान है, जिससे अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। मौसम विभाग ने 30 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कुछ अलग-अलग क्षेत्रों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसमें निवासियों से तीव्र वर्षा के लिए तैयार रहने का आग्रह किया गया है।
निवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों और यात्रियों को सतर्क रहने का आग्रह किया है। गरज-चमक के दौरान, लोगों को खुले स्थानों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। चारधाम यात्रियों को विशेष रूप से अपनी यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने और अपनी सुरक्षा के लिए प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
क्यों मायने रखता है
आगामी मानसून कुछ क्षेत्रों में गर्मी से राहत दिलाएगा, लेकिन भूस्खलन-संभावित पहाड़ी क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों और निवासियों के लिए जोखिम भी पैदा करेगा। इस अवधि के दौरान संभावित व्यवधानों के लिए अधिकारियों और व्यक्तियों का तैयार रहना और सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- •Rainfall return: June 27
- •Monsoon intensification (state-wide): By June 30
- •Maximum temperature Dehradun (June…: 34.2°C
- •Heavy rain alert: Pithoragarh and Bageshwar (around June 30)
- •Wind speed (mountainous areas): 40-50 km/h
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