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VHP का NEET में सांप्रदायिक भेदभाव का आरोप, हिजाब-कलावा विषमता का हवाला

Briovo· 22 Jun 2026, 07:15 pm IST
VHP का NEET में सांप्रदायिक भेदभाव का आरोप, हिजाब-कलावा विषमता का हवाला

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने NEET-UG परीक्षा केंद्रों पर सांप्रदायिक भेदभाव का आरोप लगाया है। VHP का दावा है कि हिंदू छात्रों को 'कलावा' और 'माला' जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि मुस्लिम छात्राओं को हिजाब और बुर्का पहनकर परीक्षा देने की इजाजत मिली। VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने एनटीए से जांच की मांग की है, ड्रेस कोड के तहत इस असमान व्यवहार पर सवाल उठाया है। मूल पेपर लीक होने के बाद हुई इस दोबारा परीक्षा में भारत के साथ-साथ विदेशों के 14 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिसका आयोजन 13 भाषाओं में किया गया था।

AI सारांश

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VHP ने लगाया भेदभाव का आरोप

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने सार्वजनिक रूप से कई NEET-UG परीक्षा केंद्रों पर सांप्रदायिक भेदभाव का आरोप लगाया है। यह गंभीर आरोप विभिन्न धार्मिक पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए ड्रेस कोड नियमों के कथित असमान आवेदन से उपजा है।

असमान व्यवहार का आरोप

VHP के अनुसार, हिंदू उम्मीदवारों को कथित तौर पर 'कलावा' और 'माला' जैसे पारंपरिक धार्मिक प्रतीक पहनने से रोका गया। इसके विपरीत, मुस्लिम महिला उम्मीदवारों को उसी परीक्षा में हिजाब और बुर्का पहनकर उपस्थित होने की अनुमति दी गई।

NTA से जांच की मांग

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस कथित असमान व्यवहार की कड़ी निंदा की है और इसे सांप्रदायिक भेदभाव बताया है। उन्होंने औपचारिक रूप से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से इस मामले की गहन जांच शुरू करने का आह्वान किया है।

ड्रेस कोड पर सवाल

बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर NTA को परीक्षा के सफल आयोजन के लिए बधाई दी, लेकिन साथ ही ड्रेस कोड पर स्पष्टीकरण की मांग भी की। उन्होंने विशेष रूप से सवाल किया कि हिंदू प्रतीकों को क्यों प्रतिबंधित किया गया, जबकि मुस्लिम पहनावे को स्पष्ट रूप से अनुमति दी गई थी, और NTA से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा।

NEET पुन: परीक्षा का अवलोकन

पहले हुए पेपर लीक के कारण आवश्यक NEET की पुन: परीक्षा हाल ही में आयोजित की गई, जिसमें 20 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों ने भाग लिया। यह महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा भारत में 5,440 और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई, जो हिंदी और अंग्रेजी सहित 13 विभिन्न भाषाओं में पेश की गई।

क्यों मायने रखता है

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के दौरान धार्मिक भेदभाव के आरोप निष्पक्षता और सभी उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार के बारे में चिंता पैदा करते हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है और सांप्रदायिक तनाव भड़क सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Accusing Body: Vishva Hindu Parishad (VHP)
  • Exam Board: National Testing Agency (NTA)
  • Allegation: Communal discrimination at NEET-UG centers
  • Religious Symbols Barred (Alleged): Kalava, Mala
  • Religious Attire Allowed (Alleged): Hijab, Burqa
  • Total Re-examinees: Over 20 lakh

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