ओमान हमले में मारे गए 2 भारतीय नाविकों के अवशेष स्वदेश लाए गए
ओमान के पास MT सेट्टेबेलो पर हुए हमले में मारे गए भारतीय नाविक आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर भारत लाए गए हैं। यह घटना 10 जून को हुई थी, जब पालाऊ-ध्वजांकित तेल टैंकर पर, जिसमें 24 भारतीय चालक दल शामिल थे, सोहर से 30 समुद्री मील दूर हमला किया गया था। जबकि 21 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया, तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई। भारत ने इस हमले को लेकर अमेरिका से औपचारिक विरोध दर्ज कराया है, जिसे अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन करने वाले जहाजों को निशाना बनाने का दावा करता है, जिसे शिपिंग कंपनी ने विवादित करार दिया है। मृतकों के परिवारों ने पार्थिव शरीर की वापसी के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी।
AI सारांश
3 bulletsमृतक नाविकों के पार्थिव शरीर की वापसी
MT सेट्टेबेलो पर हुए हमले में मारे गए भारतीय नाविक आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाया गया है। यह घटनाक्रम उनके परिवारों और राजनयिक माध्यमों द्वारा अंतिम संस्कार के लिए उन्हें घर लाने के व्यापक प्रयासों के बाद हुआ है। ओमान में भारतीय दूतावास ने पार्थिव शरीर की वापसी की पुष्टि की और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
घातक हमले का विवरण
यह घटना 10 जून, 2026 को हुई थी, जब पालाऊ-ध्वजांकित तेल टैंकर MT सेट्टेबेलो, जिसमें 24 भारतीय चालक दल के सदस्य थे, पर ओमान के सोहर तट से लगभग 30 समुद्री मील दूर हमला किया गया था। जबकि 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया और वे घर लौटने लगे हैं, शर्मा और चौरसिया सहित तीन भारतीय नाविक इस हमले में मारे गए। ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र को तुरंत सूचित किया गया था, और खोज और बचाव अभियान शुरू किए गए थे।
अमेरिका से भारत का राजनयिक विरोध
इन मौतों ने भारत की ओर से कड़ी राजनयिक कार्रवाई को प्रेरित किया, जिसने ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के संबंध में संयुक्त राज्य अमेरिका से औपचारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने नागरिक जहाजों के खिलाफ बल के प्रयोग की निंदा की, इसे अस्वीकार्य और अंतरराष्ट्रीय समुद्री वाणिज्य के लिए खतरा बताया। भारत ने नागरिक नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
विवादित दावे और जवाबदेही
अमेरिका ने यह बनाए रखा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई ने नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन करने और ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाया था। हालांकि, MT सेट्टेबेलो कीB प्रबंधन कंपनी ने इन दावों पर विवाद किया, यह कहते हुए कि हमला से पहले जहाज स्थिर रहा था और उसे अमेरिकी सेना से कोई संचार नहीं मिला था। यह विसंगति जवाबदेही और नागरिक जहाज पर घातक हमले के आसपास की परिस्थितियों के बारे में सवाल उठाती है।
क्यों मायने रखता है
पार्थिव शरीर की वापसी से शोकाकुल परिवारों को राहत मिली है और यह संघर्ष क्षेत्रों में समुद्री सुरक्षा तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर जारी चिंताओं को उजागर करता है, जिससे भारत की ओर से राजनयिक कार्रवाई हुई है।
मुख्य तथ्य
- •Incident Date: June 10, 2026
- •Vessel: MT Settebello (Palau-flagged oil tanker)
- •Location: 30 nautical miles off Sohar, Oman
- •Indian Crew Members: 24 (3 deceased, 21 rescued)
- •Deceased Indian Seafarers: Aditya Sharma and Shivanand Chaurasiya
- •Diplomatic Action: India formally protested to the US
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