PM मोदी ने एंटी-पेपर लीक बिल का स्वागत किया;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक सेल्फी वीडियो
AI सारांश
3 bulletsपीएम ने ऐतिहासिक कानून का स्वागत किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक सेल्फी वीडियो में संसद द्वारा एंटी-पेपर लीक बिल पारित होने की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून भारत में एक विश्वसनीय और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पीएम ने केंद्रीय और राज्य सरकारों दोनों को प्रभावित करने वाले दशकों पुराने पेपर लीक के मुद्दे को उजागर किया, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा था।
'परीक्षा माफियाओं' के खिलाफ सख्त कार्रवाई
पीएम मोदी ने परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी, कहा कि 'परीक्षा माफिया' और संगठित नेटवर्क को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने ऐसे अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने और एक मजबूत शिक्षा प्रणाली बनाने के लिए कड़े कानूनों की आवश्यकता पर बल दिया।
अनुचित साधनों के लिए बढ़ी हुई सजा
नया सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026, व्यक्तियों और संगठनों के लिए दंड में उल्लेखनीय वृद्धि करता है। दोषी पाए जाने पर 5-10 साल की कैद और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। धोखाधड़ी में शामिल एजेंसियों पर ₹5 करोड़ तक का जुर्माना और 8 साल का प्रतिबंध लगेगा, जबकि संगठित अपराध में न्यूनतम 7 साल की जेल और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना होगा।
तेज-ट्रैक न्याय तंत्र
यह कानून मामलों के त्वरित समाधान के लिए समयबद्ध प्रक्रियाओं का प्रावधान करता है। केंद्र द्वारा संदर्भित किए जाने के दो महीने के भीतर जांच पूरी करना अनिवार्य है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की आवश्यकता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे पूरे हो जाएं, जिससे इन अपराधों के लिए न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
छात्र सुरक्षा और विधायी यात्रा
महत्वपूर्ण बात यह है कि विधेयक यह सुनिश्चित करता है कि परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को इस कानून के तहत आरोपी के रूप में नहीं माना जाएगा, जिससे उनके हितों की रक्षा होगी। सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026, 29 जुलाई को लोकसभा और 30 जुलाई को राज्यसभा दोनों में सफलतापूर्वक पारित हो गया, और कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है।
क्यों मायने रखता है
एंटी-पेपर लीक बिल, 2024, संगठित धोखाधड़ी पर
मुख्य तथ्य
- •Bill Passage: The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026, passed by Lok Sabha on July 29 and Rajya Sabha on July 30.
- •Individual Penalties: Individuals face 5-10 years imprisonment and up to ₹50 lakh fine.
- •Agency Penalties: Agencies face fines up to ₹5 crore and an 8-year ban from conducting exams.
- •Organized Crime: Organized crime can lead to a minimum 7-year prison term and up to ₹10 crore fine.
- •Investigation Timeline: Investigations must be completed within two months; trials within three months of chargesheet filing.
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