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Brij Bhushan Sharan SinghWrestling Federation of IndiaSexual HarassmentDelhi Court

बृज भूषण यौन उत्पीड़न मामले में 3 अगस्त को फैसला

Briovo· 02 Jul 2026, 08:39 pm IST
बृज भूषण यौन उत्पीड़न मामले में 3 अगस्त को फैसला

दिल्ली की एक अदालत 3 अगस्त को पूर्व WFI प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में अपना फैसला सुनाएगी। पांच महिला पहलवानों ने सिंह पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद 2023 में देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की अंतिम दलीलें सुनीं। सिंह पर यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी सहित कई आरोप हैं। सह-आरोपी विनोद तोमर पर भी आरोप हैं। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने भारतीय खेल में एथलीट सुरक्षा की ओर महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया है।

AI सारांश

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कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख और पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े हाई-प्रोफाइल यौन उत्पीड़न मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार की अध्यक्षता वाली अदालत दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद 3 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी।

आरोपों की पृष्ठभूमि

यह मामला 2023 में तब शुरू हुआ जब कई शीर्ष भारतीय पहलवानों ने WFI प्रमुख के रूप में बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। इन आरोपों के कारण देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित हुआ और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज हुई।

अदालत द्वारा लगाए गए आरोप

मई 2024 में, दिल्ली की एक अदालत ने सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। कुछ शिकायतों के लिए उन पर आपराधिक धमकी के आरोप भी तय किए गए। सह-आरोपी विनोद तोमर पर भी आपराधिक धमकी के आरोप हैं।

बचाव पक्ष की दलीलें और जमानत की स्थिति

कार्यवाही के दौरान, आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील राजीव मोहन ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि मामला उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए गढ़ा गया था। शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कड़ी सजा की मांग की। बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर दोनों फिलहाल जमानत पर हैं।

भारतीय खेलों पर प्रभाव

यह मामला भारतीय खेल इतिहास के सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयों में से एक के रूप में उभरा है। इसने न केवल राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि एथलीट सुरक्षा, खेल प्रशासन के भीतर जवाबदेही और खेल बिरादरी में ऐसे गंभीर आरोपों को संबोधित करने के तंत्र पर एक व्यापक चर्चा भी छेड़ दी है।

क्यों मायने रखता है

इस हाई-प्रोफाइल मामले का फैसला भारत में महिला एथलीटों के लिए न्याय और खेल प्रशासन में जवाबदेही के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। यह खेल संघों के भीतर यौन उत्पीड़न की भविष्य की शिकायतों के लिए एक मिसाल कायम करेगा और भविष्य में ऐसे मामलों को कैसे संभाला जाता है, इसे प्रभावित कर सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Verdict Date: August 3
  • Accused: Brij Bhushan Sharan Singh, Vinod Tomar
  • Complainants: Five women wrestlers
  • Key Charges: Sexual harassment, criminal intimidation
  • Origin: 2023 wrestler protests

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